चुनाव बाद हिंसा के दौरान शक्ति का प्रदर्शन जारी
राष्ट्रीय खर
कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद कल शाम कोलकाता के व्यस्त हॉग मार्केट (ऐतिहासिक न्यू मार्केट) की सड़कों पर एक बुलडोजर दिखाई दिया। तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि बुलडोजर के साथ आए एक समूह ने पार्टी कार्यालय को निशाना बनाया, जिससे पूरे इलाके में तनाव फैल गया और कई व्यापारियों को अपनी दुकानें जल्दी बंद करनी पड़ीं। कोलकाता पुलिस ने इस मामले में तोड़फोड़ की शिकायतों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
तृणमूल कांग्रेस ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे खुलेआम गुंडागर्दी करार दिया है। पार्टी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया, भाजपा का परिवर्तन आ गया है और यह बुलडोजर के साथ आया है… भाजपा समर्थकों की भीड़ ने न्यू मार्केट क्षेत्र के पास उत्पात मचाया, दुकानों को नष्ट किया और तृणमूल कांग्रेस के कार्यालय में तोड़फोड़ की।
तृणमूल के राज्यसभा सांसद डेरेक ओब्रायन ने आरोप लगाया कि जीत के जश्न के नाम पर मांस की दुकानों को ध्वस्त करने के लिए बुलडोजर लाया गया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस दौरान केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवान वहीं मौजूद थे।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने स्पष्ट किया कि पार्टी के नाम पर किसी भी प्रकार की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पुलिस की कार्रवाई: कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय कुमार नंद ने घोषणा की है कि किसी भी विजय जुलूस में जेसीबी या बुलडोजर जैसे उपकरणों की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने बताया कि शहर भर में तोड़फोड़ के मामलों में अब तक 80 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक सिद्ध नाथ गुप्ता ने जानकारी दी कि राज्य भर में चुनाव बाद हुई हिंसा के संबंध में 200 से अधिक एफआईआर दर्ज की गई हैं और 433 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अतिरिक्त, 1,100 से अधिक लोगों को निवारक हिरासत में लिया गया है। चुनाव आयोग ने भी संवेदनशीलता को देखते हुए प्रभावित इलाकों में केंद्रीय बलों की तैनाती के निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा अपराधियों के खिलाफ की गई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बाद से बुलडोजर देश में एक खास राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतीक बन गया है।