स्ट्रांग रूम सुरक्षा पर चुनाव आयोग से सवाल
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भाजपा अपने काम पर तो जीत नहीं सकती
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चोरी से खुद को बचाने का खेल चल रहा
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मतगणना से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
भूपेन गोस्वामी
गुवाहाटी : असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के अध्यक्ष और लोकसभा में उपनेता गौरव गोगोई ने केंद्र की मोदी सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया है कि चुनाव खत्म होते ही जनता पर महंगाई का नया बोझ डाल दिया गया है। गोगोई के अनुसार, चुनावों के दौरान दी गई अस्थायी राहत अब खत्म हो चुकी है और सरकार ने पेट्रोल, डीजल तथा वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में वृद्धि कर आम आदमी और छोटे व्यापारियों की कमर तोड़ दी है। उन्होंने राहुल गांधी की पूर्व चेतावनी का हवाला देते हुए कहा कि जब वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम थीं, तब भी सरकार ने जन कल्याण के बजाय कर संग्रह को प्राथमिकता दी।
महंगाई के अलावा, गौरव गोगोई ने चुनाव प्रक्रिया की शुचिता पर भी सवाल उठाए हैं। 4 मई को होने वाली मतगणना से पहले उन्होंने आरोप लगाया कि असम में कई स्थानों पर स्ट्रांग रूम के संचालन में अनियमितताएं बरती जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा कार्यकर्ताओं को नियमों के विरुद्ध स्ट्रांग रूम के भीतर जाने की अनुमति दी जा रही है, जो लोकतंत्र के लिए एक बड़ा खतरा है। गोगोई ने कहा कि भाजपा शासन और विकास के दम पर चुनाव जीतने में विफल रही है, इसलिए अब चोरी के माध्यम से सत्ता हथियाने का प्रयास कर रही है।
वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने राज्य में एनडीए की जीत की भविष्यवाणी करने वाले एग्जिट पोल्स को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने इन्हें टीआरपी-संचालित बताते हुए कहा कि जमीनी हकीकत इन आंकड़ों से बिल्कुल अलग है। बघेल के अनुसार, मतदाता भय के कारण अपनी सही राय व्यक्त नहीं कर रहे हैं और परिणाम आने पर कांग्रेस की स्थिति मजबूत होगी।
दूसरी ओर, प्रशासन मतगणना को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने की तैयारियों में जुटा है। असम के मुख्य सचिव रवि कोटा ने वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर मतगणना केंद्रों और स्ट्रांग रूम की सुरक्षा की समीक्षा की। उन्होंने चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने और मतगणना के दिन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिलों में ड्राई डे घोषित करने तथा विजय जुलूसों पर प्रतिबंध लगाने जैसे निर्देश जारी किए हैं।