हजार करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, आगामी विधानसभा चुनावों से पहले तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन एजेंसियों की कार्रवाई ने अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, इन दोनों राज्यों में अब तक कुल 1,072.13 करोड़ रुपये की जब्ती की जा चुकी है, जो चुनावी इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इसमें नकद, शराब, नशीले पदार्थ, कीमती धातुएं और मतदाताओं को लुभाने के लिए बांटी जाने वाली अन्य सामग्रियां शामिल हैं।
सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि तमिलनाडु 599.24 करोड़ रुपये की कुल जब्ती के साथ सूची में सबसे ऊपर है, जबकि पश्चिम बंगाल में अब तक 472.89 करोड़ रुपये की रिकवरी की गई है। अधिकारियों का मानना है कि यह संख्या अभी और बढ़ सकती है, विशेष रूप से पश्चिम बंगाल में जहाँ मतदान कई चरणों में संपन्न होना है।
दोनों राज्यों में जब्त की गई वस्तुओं का पैटर्न काफी भिन्न है। पश्चिम बंगाल में शराब और नशीले पदार्थों की बड़ी खेप पकड़ी गई है, जिसमें 102.45 करोड़ की शराब और 108.11 करोड़ के ड्रग्स शामिल हैं। इसके विपरीत, तमिलनाडु में शराब की जब्ती काफी कम (3.85 करोड़) रही है, लेकिन यहाँ कीमती धातुओं (जैसे सोना और चांदी) की बरामदगी बहुत अधिक है, जिसका मूल्य 159.31 करोड़ आंका गया है। साथ ही, तमिलनाडु में 259.14 करोड़ मूल्य की मुफ्त सौगातें भी जब्त की गई हैं।
चुनावों में धनबल और अवैध सामग्री के उपयोग को रोकने के लिए चुनाव आयोग ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की है। दोनों राज्यों में कुल 5,011 फ्लाइंग स्क्वाड टीमें तैनात की गई हैं (पश्चिम बंगाल में 2,728 और तमिलनाडु में 2,283)। इन टीमों को शिकायतों पर 100 मिनट के भीतर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। इसके अतिरिक्त, 5,363 स्थैतिक निगरानी टीमें (SST) चेकपोस्टों और नाकों पर सघन तलाशी अभियान चला रही हैं।
यह जब्ती पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनावों की तुलना में कहीं अधिक है। उदाहरण के लिए, 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल में 339.45 करोड़ रुपये जब्त हुए थे, जबकि वर्तमान आंकड़ा इसे पार कर चुका है। इसी तरह, तमिलनाडु ने 2024 के लोकसभा चुनाव के 555.44 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान आम नागरिकों को परेशानी न हो, इसके लिए जिला शिकायत समितियां भी गठित की गई हैं।