पश्चिम बंगाल के चुनाव में पूरी ताकत लगा रहे हैं पीएम
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यह उनकी सातवीं जनसभा थी
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महिला और किसानों पर बात की
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डबल इंजन सरकार के फायदे बताये
राष्ट्रीय खबर
कोलकाताः पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के गरमाते माहौल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दक्षिण दिनाजपुर में अपनी सातवीं विशाल जनसभा को संबोधित किया। पूर्वी बर्धमान और मुर्शिदाबाद के बाद इस रैली में प्रधानमंत्री के तेवर बेहद आक्रामक नजर आए। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि राज्य में अब भय पर भरोसे की जीत होने जा रही है। पीएम ने भ्रष्टाचार के मुद्दों पर कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी कि सत्ता में आने के बाद भाजपा भ्रष्टाचार का ऐसा हिसाब करेगी जिसे आने वाली कई पीढ़ियाँ याद रखेंगी।
रैली के दौरान प्रधानमंत्री ने महिलाओं की सुरक्षा और उनके सशक्तिकरण को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं, वहाँ बहनें सुरक्षित और समृद्ध हैं। किसानों, विशेषकर आलू उत्पादकों की समस्याओं का जिक्र करते हुए मोदी ने ममता सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि डबल इंजन की सरकार बनते ही किसानों को दी जाने वाली सहायता राशि को बढ़ाकर 9,000 रुपया तक किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने टीएमसी के राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार की कोशिशों पर तंज कसते हुए कहा कि त्रिपुरा, गोवा और असम की जनता ने उन्हें सिरे से नकार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी का मॉडल केवल बेईमानी और दादागिरी पर आधारित है, जिसे बंगाल के बाहर कोई स्वीकार नहीं करता। पीएम ने तंज कसा कि टीएमसी के पास विकास का न तो कोई विजन है और न ही नीयत।
आगामी 4 मई को आने वाले चुनावी परिणामों को लेकर प्रधानमंत्री ने आत्मविश्वास जताते हुए कहा कि बर्धमान की भीड़ महज एक ट्रेलर थी, असली फिल्म नतीजों के दिन दिखेगी। दूसरी ओर, शुभेंदु अधिकारी ने भी टीएमसी के भीतर जारी असंतोष पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी अपने पुराने और कर्मठ नेताओं को अपमानित कर रही है, जिसके कारण वरिष्ठ नेता अब भाजपा का दामन थाम रहे हैं। प्रधानमंत्री ने अंत में दोहराया कि भाजपा का घोषणापत्र बंगाल को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने का एक ठोस रोडमैप है।