Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Lucknow Fire Tragedy: अलीगंज की बिल्डिंग में भीषण आग; एसी डक्ट से फैली लपटों ने ली 15 जिंदगियां Ujjain Gaya Kotha Tirth: उज्जैन के गयाकोठा तीर्थ का बदलेगा स्वरूप; विकास कार्यों के लिए मिले 6.7 करो... Madhya Pradesh News: ट्रांसफर नियमों का उल्लंघन? एमएसएमई और पीडब्ल्यूडी में वरिष्ठता को लेकर बढ़ा विव... Gwalior JAH Hospital News: जया आरोग्य अस्पताल में पार्किंग के नाम पर खुली लूट; खुद अस्पताल के डॉक्टर... Gwalior Coaching Fire Safety: ग्वालियर में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा राम भरोसे; केवल 3 के पास फायर... MP UCC Draft: मध्य प्रदेश में 10 दिन में तैयार होगा समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट; जानें आदिवासियों ... Gwalior News: डीएलएड परीक्षा में फर्जी परीक्षार्थी का खुलासा; चाचा दे रहा था भतीजे की जगह परीक्षा, प... Terror Module Exposed: भोपाल एटीएस की बड़ी कार्रवाई; 'लोन वुल्फ' मॉड्यूल तैयार करने वाले सरगना की रिम... Mephedrone Drugs Network: भोपाल में ड्रग्स बनाने वाले सिंडिकेट का भंडाफोड़; हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी ... Seoni Jumbo Sitaphal GI Tag: सिवनी के सीताफल को मिला GI टैग; अब दुनिया भर में बिखेरेगा अपने स्वाद का...

Rahul Gandhi Case: दोहरी नागरिकता मामले में राहुल गांधी की बढ़ेंगी मुश्किलें, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दिया FIR दर्ज करने का आदेश

दोहरी नागरिकता से संबंधित मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया. जस्टिस सुभाष विद्यार्थी ने सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया. कोर्ट ने कहा कि मामले में जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई होगी. नागरिकता से जुड़े आरोपों को लेकर चल रही सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह आदेश दिया.

राहुल गांधी पर दोहरी नागरिकता रखने के आरोप लगाए गए थे. इसी मुद्दे को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी. सुनवाई के बाद कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया.

इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने आज कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के पास दोहरी नागरिकता होने के आरोप की जांच होनी चाहिए. कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिया कि वह खुद जांच करे या मामले को किसी सेंट्रल एजेंसी को सौंपकर जांच करवाए.

स्पेशल MP/MLA कोर्ट के आदेश को चुनौती

यह आदेश बीजेपी कार्यकर्ता एस विग्नेश शिशिर की याचिका पर आया, जिसमें उन्होंने लखनऊ की एक स्पेशल MP/MLA कोर्ट के 28 जनवरी के आदेश को चुनौती दी थी, जिसने कांग्रेस नेता के खिलाफ FIR दर्ज करने की उनकी याचिका खारिज कर दी थी. निचली अदालत ने माना था कि वह नागरिकता से जुड़े मामलों पर फैसला करने के लिए सक्षम नहीं है.

कर्नाटक के रहने वाले याचिकाकर्ता ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट, फॉरेनर्स एक्ट और पासपोर्ट एक्ट के तहत आरोप लगाते हुए FIR दर्ज करने और डिटेल में जांच की मांग की है.

शिकायत शुरू में रायबरेली की एक स्पेशल MP/MLA कोर्ट में दायर की गई थी. 17 दिसंबर, 2025 को हाई कोर्ट ने केस को लखनऊ ट्रांसफर कर दिया. लखनऊ कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट का रुख किया.

कोर्ट के आदेश का विग्नेश शिशिर ने किया स्वागत

बीजेपी कार्यकर्ता एस विग्नेश शिशिर ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि एक लैंड मार्क और ऐतिहासिक फैसले में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने मेरी पिटीशन को मंजूरी दे दी है और उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के थाने के को ब्रिटिश सिटिजनशिप केस में राहुल गांधी, लोकसभा सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश और निर्देश दिया है.

उन्होंने आगे लिखा कि मैं इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच का दिल से शुक्रिया अदा करता हूं और नेशनल सिक्योरिटी और बड़े पब्लिक इंटरेस्ट में सच सामने लाने के लिए अपनी आखिरी सांस तक इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच का शुक्रगुजार रहूंगा.

उन्होंने लिखा कि अब जब इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश और निर्देश दिया है. मुझे इन्वेस्टिगेशन के प्रोसेस में उत्तर प्रदेश पुलिस की मदद करनी पड़ रही है क्योंकि मुझे अब तक के सबसे ज्यादा सिक्योरिटी थ्रेट का सामना करना पड़ रहा है. मैं गृह मंत्रालय से आग्रह करना चाहता हूं कि मेरी सिक्योरिटी को तुरंत बढ़ाई जाए.