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आबकारी नीति मामला में अब सीधे टकराव जैसी स्थिति

न्यामूर्ति शर्मा से सुनवाई से हटने का अनुरोध

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली उच्च न्यायालय में एक आवेदन दायर कर न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा से उस अपील की सुनवाई से हटने का अनुरोध किया है, जो केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा दायर की गई है। यह अपील आबकारी नीति मामले में केजरीवाल और अन्य आरोपियों को दोषमुक्त किए जाने के खिलाफ दायर की गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस आवेदन पर कल न्यायमूर्ति शर्मा के समक्ष विचार किए जाने की संभावना है। मामले से परिचित वकीलों का कहना है कि केजरीवाल कल व्यक्तिगत रूप से अदालत के सामने पेश हो सकते हैं और अपनी दलीलें खुद पेश कर सकते हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले केजरीवाल ने दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय से इस मामले को न्यायमूर्ति शर्मा के अलावा किसी अन्य न्यायाधीश को सौंपने का अनुरोध किया था। हालांकि, मुख्य न्यायाधीश उपाध्याय ने उनके इस अनुरोध को खारिज कर दिया था।

मुख्य न्यायाधीश ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया था, वर्तमान रोस्टर के अनुसार यह याचिका संबंधित माननीय न्यायाधीश को सौंपी गई है। सुनवाई से हटने का कोई भी निर्णय स्वयं संबंधित माननीय न्यायाधीश द्वारा ही लिया जाना चाहिए। मुझे प्रशासनिक स्तर पर आदेश पारित कर इस याचिका को स्थानांतरित करने का कोई ठोस कारण नजर नहीं आता।

यह पूरा विवाद दिल्ली की विवादित आबकारी नीति से जुड़ा है, जिसमें भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे थे। सीबीआई ने इस मामले में केजरीवाल सहित कई अन्य नेताओं को आरोपी बनाया था, लेकिन निचली अदालत द्वारा राहत दिए जाने के बाद एजेंसी ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।

न्यायिक प्रक्रिया में रिक्युजल तब होता है जब किसी न्यायाधीश को लगता है कि मामले में उनका हित जुड़ा हो सकता है या निष्पक्षता पर सवाल उठ सकते हैं। केजरीवाल का यह नया आवेदन अब पूरी तरह से न्यायमूर्ति शर्मा के विवेक पर निर्भर है कि वे इस पर क्या निर्णय लेती हैं। यदि वे इस मामले से हटती हैं, तो मुख्य न्यायाधीश को इसे किसी नई पीठ को सौंपना होगा।

दिल्ली की राजनीति और कानूनी गलियारों में इस घटनाक्रम को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दरअसल पहले से ही न्यामूर्ति शर्मा के फैसले से आम आदमी पार्टी लगातार असंतुष्ट रही है। यह पहला अवसर है जब पार्टी ने खुलकर इसका इजहार भी कर दिया है।