पूर्व क्लर्क टीना पीटर्स की सजा रद्द
डेनवर (कोलोराडो): कोलोराडो की एक अपीलीय अदालत ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए पूर्व काउंटी क्लर्क टीना पीटर्स की नौ साल की जेल की सजा को उलट दिया है। हालांकि, अदालत ने उनकी दोषसिद्धि को बरकरार रखा है। टीना पीटर्स पर 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में धोखाधड़ी के दावों को साबित करने के प्रयास में मतदान मशीनों के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप था। यह मामला अमेरिकी चुनावी अखंडता और कानूनी प्रक्रियाओं के बीच चल रहे टकराव का एक बड़ा उदाहरण बन गया है।
तीन न्यायाधीशों के अपीलीय पैनल ने अपने फैसले में कहा कि निचली अदालत के न्यायाधीश मैथ्यू बैरेट ने पीटर्स को उनके उन विचारों और बयानों के लिए अनुचित रूप से दंडित किया, जो संरक्षित अभिव्यक्ति के दायरे में आते हैं। सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने पीटर्स को ढोंगी कहा था और उनके दावों को जंक करार दिया था। अपीलीय पैनल ने स्पष्ट किया कि अपराध पीटर्स के विश्वास या चुनावी धोखाधड़ी के दावों में नहीं था, बल्कि उन साक्ष्यों को इकट्ठा करने के लिए किए गए उनके छलपूर्ण कार्यों में था। अदालत ने आदेश दिया कि अब निचली अदालत को पीटर्स के लिए नई सजा का निर्धारण करना होगा।
टीना पीटर्स को 2022 में तब आरोपित किया गया था जब उनके कार्यालय में चुनावी सुरक्षा में सेंधमारी का मामला सामने आया था। इस उल्लंघन के कारण मतदान उपकरणों के पासवर्ड एक दक्षिणपंथी ब्लॉग पर पोस्ट कर दिए गए थे। पीटर्स पर लोक सेवक को प्रभावित करने की कोशिश और कर्तव्य के उल्लंघन सहित कुल सात मामलों में मुकदमा चलाया गया था। उन्होंने लगातार इन आरोपों से इनकार किया है और उनका कहना है कि वे केवल चुनाव की शुचिता की जांच कर रही थीं।
यह मामला अमेरिका की आंतरिक राजनीति में भी गहराई से जुड़ा हुआ है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल के महीनों में पीटर्स का समर्थन किया है और उन्हें राजनीतिक कैदी बताया है। ट्रम्प ने कोलोराडो के गवर्नर जेरेड पोलिस पर उन्हें रिहा करने का दबाव भी बनाया है। दिसंबर में ट्रम्प ने पीटर्स को प्रतीकात्मक रूप से क्षमादान भी दिया था, लेकिन अपीलीय अदालत ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति केवल संघीय अपराधों तक सीमित है और यह राज्य स्तरीय अपराधों पर लागू नहीं होती है। वर्तमान में पीटर्स जेल में हैं और अब उनकी नई सजा पर सुनवाई का इंतजार है।