Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
सिक्किम को दूसरा मणिपुर ना बनने देः चामलिंग टीएमसी के बागी विधायकों ने एक और चाल चल दी आपरेशन टाईगर पूरा होने का प्रदर्शन भी ग्रामीँणों ने कहा, पहले गोली मारो फिर बांध बनाना रिम्स 2 के विरोध में धरना दे रहे ग्रामीण युवा वर्ग को ज्यादा आजमाना खतरनाक खेल Kolkata Blast 1993: सुप्रीम कोर्ट ने दोषी मोहम्मद राशिद खान की रिहाई पर लगाई रोक, जारी किया नोटिस Shala Praveshotsav 2026: गुजरात में शिक्षा का महाकुंभ; सीएम भूपेंद्र पटेल ने किया 'निपुण गुजरात' कार... Bhawanipur Election Case: ममता बनर्जी की याचिका पर कलकत्ता हाई कोर्ट का बड़ा आदेश; सुरक्षित रखे जाएंग... Jammu News: अमरनाथ यात्रियों के लिए तैयार हुआ आधार शिविर; भगवती नगर यात्री निवास में सुरक्षा और सुवि...

मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच ‘सुपर’ रेस्क्यू! ईरान से सुरक्षित निकले 550 भारतीय; एस. जयशंकर ने बताया कैसे आर्मेनिया बना संकटमोचक

मिडिल ईस्ट में जंग के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को एक्स पर पोस्ट कर बताया कि ईरान से अब तक 550 भारतीयों को सुरक्षित निकाल लिया गया है. जयशंकर ने इसके लिए आर्मेनिया की सरकार और वहां के लोगों का धन्यवाद कहा है. दरअसल, आर्मेनिया विदेश मंत्री अरारत मिर्जोयान के सहयोग से ही भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया है.

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर किए पोस्ट में लिखा, ईरान से अब तक 550 से अधिक भारतीय नागरिकों की सुरक्षित निकासी में सहयोग के लिए आर्मेनिया की सरकार और वहां के लोगों का धन्यवाद. इन चुनौतीपूर्ण समय में उनके सहयोग की सराहना करते हैं. वहीं जयशंकर ने कहा कि इस मुश्किल हालात में येरेवन की ओर से मिली मदद की वे बहुत कद्र करते हैं. उन्होंने अपने आर्मेनियाई समकक्ष अरात मिर्ज़ोयान के सहयोग को भी सराहा.

आर्मेनिया और दुबई के रास्ते पहुंचे नई दिल्ली

भारत सरकार ईरान समेत मिडिल ईस्ट के देशों में फंसे भारतीयों को वहां से निकालने का लगातार प्रयास कर रही है. इसी क्रम में ईरान से भी भारतीयों को निकाला जा रहा है. दरअसल, भारत सरकार के मुताबिक, ईरान से अब तक 550 भारतीयों को सुरक्षित निकाल लिया गया है.

ये सभी आर्मेनिया और दुबई के रास्ते नई दिल्ली स्थित एयरपोर्ट पहुंचे. इनमें छात्रों की संख्या ज्यादा है. दरअसल, ईरान के काफी मुस्लिम युवा ईरान के नामी स्कूलों में शिक्षा प्राप्त करते हैं. बताया जा रहा है कि जंग शुरू होने के बाद ये छात्र ईरान में फंसे हुए थे.

पड़ोसी देशों के जरिए निकासी का रास्ता तैयार

दरअसल, मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण वहां रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. इसी कारण भारत सरकार ने ईरान में मौजूद भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए पड़ोसी देशों के जरिए निकासी का रास्ता तैयार किया है. सरकार की योजना के तहत भारतीय नागरिकों को पहले जमीनी रास्ते से ईरान से निकालकर आर्मेनिया या अजरबैजान जैसे पड़ोसी देशों में पहुंचाया जा रहा है, जहां से उन्हें वाणिज्यिक उड़ानों के जरिए भारत भेजा जा रहा है.

साइप्रस से रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा

पश्चिम एशिया में उभरती स्थिति को लेकर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ब्रसेल्स में साइप्रस के विदेश मंत्री कॉन्स्टेंटिनोस कोम्बोस से भी मुलाकात की थी. उन्होंने बताया कि इस वार्ता उनको बेहद खुशी हुई. विदेश मंत्री ने एक्स पर पोस्ट में बताया कि साइप्रस के विदेश मंत्री कॉन्स्टेंटिनोस कोम्बोस के साथ बातचीत में हमने अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की.