भारत और अमेरिका व्यापार समझौते पर केंद्र का विरोध
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पूर शहर का यातायात बाधित हुआ
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समझौते से किसानों का अहित होगा
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सत्रह को टोल नाका भी जाम करेंगे
राष्ट्रीय खबर
चंडीगढ़: भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) ने सोमवार को प्रस्तावित भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते और अन्य लंबित मांगों के विरोध में चंडीगढ़ में एक विशाल मोटरसाइकिल और कार रैली निकाली। किसान संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि इस द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए गए, तो उसी दिन देश भर में बड़े पैमाने पर राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन के कारण चंडीगढ़ और मोहाली की कई मुख्य सड़कों पर यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई और पुलिस को रूट डायवर्ट करने पड़े।
प्रदर्शनकारियों ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को तुरंत रद्द करने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां किसानों और डेयरी क्षेत्र की कीमत पर बहुराष्ट्रीय कंपनियों तथा वैश्विक व्यापारिक हितों को लाभ पहुंचा रही हैं। बीकेयू (राजेवाल) के अध्यक्ष बलबीर सिंह राजेवाल ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिकी किसानों को वहां की सरकार से भारी सब्सिडी (वित्तीय सहायता) मिलती है और वे बहुत बड़े पैमाने पर खेती करते हैं। इसकी तुलना में भारत के अधिकांश किसानों के पास बहुत छोटी भूमि (जोत) है, जिससे वे इस वैश्विक प्रतिस्पर्धा में टिक नहीं पाएंगे और घरेलू कृषि, डेयरी व पोल्ट्री क्षेत्र पूरी तरह तबाह हो जाएंगे।
किसानों को आशंका है कि इस समझौते के बाद अमेरिकी कृषि उत्पादों, दालों, फलों, सब्जियों और अन्य खाद्य सामग्रियों की भारतीय बाजारों में बड़े पैमाने पर एंट्री होगी, जिससे स्थानीय किसानों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होगी। राजेवाल ने एलान किया कि इस प्रस्तावित सौदे के विरोध में 17 जुलाई को पंजाब के सभी राजमार्गों पर टोल प्लाजा को दोपहर में दो घंटे के लिए पूरी तरह फ्री किया जाएगा।
इस मार्च के दौरान किसानों ने केंद्र के साथ-साथ पंजाब सरकार को भी घेरा। उन्होंने राज्य में लगातार गिरते भूजल स्तर, जलवायु परिवर्तन के कारण खेती के सामने खड़ी चुनौतियों और पानी में बढ़ रहे भारी तत्वों (हैवी मेटल्स) के प्रदूषण पर गहरी चिंता व्यक्त की। इससे पहले बीते शुक्रवार को भी बीकेयू (एकता उग्रहान) और संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसानों ने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और बसों के साथ सेक्टर-34 से मटका चौक तक मार्च निकाला था और ईंधन (पेट्रोल-डीजल) की बढ़ती कीमतों पर भी विरोध जताया था। रैली के अंत में किसानों ने पंजाब के राज्यपाल के माध्यम से प्रधानमंत्री को और मुख्यमंत्री भगवंत मान के नाम अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।