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जापान के सैन्यीकरण की योजनाओँ पर तानाशाह की बहन का बयान

उत्तर कोरिया के पास अपने सैन्य विकल्प मौजूद हैं

प्योंगयांगः उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन की प्रभावशाली बहन किम यो जोंग ने बुधवार को जापान पर तीखा हमला बोलते हुए उस पर युद्ध राज्य में बदलने का गंभीर आरोप लगाया है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब टोक्यो प्रशांत क्षेत्र में अपनी सैन्य स्थिति को लगातार मजबूत कर रहा है। जापान अपने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के शांतिवादी रुख से धीरे-धीरे दूर हो रहा है। वह अपने सैन्य खर्च में लगातार वृद्धि कर रहा है, रक्षा समझौतों को बढ़ा रहा है और अपने बाहरी द्वीपों पर मिसाइल लांचर तैनात कर रहा है। मंगलवार को जापान के रक्षा मंत्री ने चेतावनी दी थी कि चीन, रूस और उत्तर कोरिया से बढ़ते खतरों को देखते हुए देश की सेना को तत्काल और संकट की भावना के साथ मजबूत करने की आवश्यकता है।

उत्तर कोरियाई सरकारी मीडिया द्वारा जारी एक बयान में किम यो जोंग ने कहा कि प्योंगयांग का नेतृत्व अतिरिक्त सैन्य विकल्प तैयार करेगा जो स्पष्ट रूप से जापान के परिवर्तन के कारण हैं। उन्होंने कहा, एक युद्ध अपराधी देश होने के नाते जापान अब तेजी से खुद को एक युद्ध राज्य में बदल रहा है।

किम ने टोक्यो द्वारा हाल ही में टॉमहॉक लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलों के परीक्षण और प्रशांत क्षेत्र में अमेरिकी नेतृत्व वाले युद्धाभ्यास में उसकी भागीदारी को खतरनाक सैन्य कदम करार दिया। उन्होंने कहा कि जापान निवारक हमले की क्षमता हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

इतिहास का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 1945 में द्वितीय विश्व युद्ध में आत्मसमर्पण करने से पहले जापान ने पूरे कोरिया पर कब्जा कर लिया था। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, यदि सैन्यवाद के वंशजों के हाथों में घातक हथियार आ गए हैं, तो कुछ बहुत अप्रिय घटना घटेगी।

गौरतलब है कि जापान ने 2025 में अपने सैन्य खर्च को 9.7 प्रतिशत बढ़ाकर 62.2 अरब डॉलर कर दिया है, जो 1958 के बाद से उसकी जीडीपी का सबसे बड़ा हिस्सा (1.4 प्रतिशत) है। चीन ने भी जापान के इस नए सैन्य रुख पर चिंता जताई है, खासकर तब से जब जापान की प्रधानमंत्री साना तकाची ने नवंबर में यह सुझाव दिया था कि ताइवान पर चीनी कब्जे की कार्रवाई का जवाब जापान की सेना दे सकती है।