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इमरान खान के आंखों की रोशनी में सुधार की रिपोर्ट असत्यापित

सरकारी डाक्टरों की रिपोर्ट को निजी चिकित्सक ने खारिज किया

इस्लामाबादः इमरान खान का इलाज कर रहे डॉक्टरों की एक टीम ने उनकी आंखों की रोशनी में सुधार की रिपोर्ट दी है। उनके निजी चिकित्सक डॉ. आसिम यूसुफ ने सोमवार को यह जानकारी दी, लेकिन साथ ही उन्होंने जोड़ा कि वह इस आकलन की न तो पुष्टि कर सकते हैं और न ही खंडन, क्योंकि पाकिस्तान के अधिकारियों ने उन्हें जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री तक पहुंच नहीं दी है।

डॉ. आसिम यूसुफ ने यह टिप्पणी एक्स पर पोस्ट किए गए एक वीडियो संदेश में की। यह संदेश उस घटना के एक दिन बाद आया जब पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद रावलपिंडी की अदियाला जेल में नेत्र विशेषज्ञों के एक पैनल ने इमरान खान की जांच की थी। यूसुफ ने बताया कि जेल के डॉक्टरों ने उन्हें फोन पर खान की आंखों की स्थिति में सुधार और जनवरी के अंत से मिल रहे उपचार के बारे में जानकारी दी। ज्ञात हो कि जनवरी में खान ने दृष्टि के आंशिक नुकसान की शिकायत के बाद इस्लामाबाद के एक अस्पताल में एक प्रक्रिया करवाई थी।

यूसुफ ने कहा कि अगर वह इस सुधार को खुद सत्यापित कर पाते, तो उन्हें बेहद खुशी होती। उन्होंने कहा, दुर्भाग्य से, क्योंकि मैंने उन्हें स्वयं नहीं देखा है और न ही उनकी देखभाल में शामिल हो सका हूं या उनसे बात कर सका हूं, इसलिए हमें जो बताया गया है उसकी सत्यता की पुष्टि या खंडन करने में मैं असमर्थ हूं। उन्होंने आगे का उपचार इस्लामाबाद के अस्पताल में कराने की मांग भी की।

दूसरी ओर, कैबिनेट मंत्री तारिक फजल चौधरी ने सोमवार को एक्स पर लिखा कि अदियाला जेल के भीतर इमरान खान की विस्तृत चिकित्सा जांच की गई और डॉक्टरों ने पाया कि उनकी आंखों की रोशनी में सुधार हुआ है और कोई बड़ी जटिलता सामने नहीं आई है।

खान की आंखों की रोशनी को लेकर चिंता तब शुरू हुई जब सरकार ने बताया कि उनकी आंखों की एक छोटी सर्जरी हुई है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने खान के वकील सलमान सफदर को जेल में उनसे मिलने का निर्देश दिया। सफदर ने बाद में अदालत को बताया कि खान ने अपनी दाहिनी आंख की लगभग 85 प्रतिशत रोशनी खो दी है। इस खबर ने उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के समर्थकों को चिंतित कर दिया, जो उन्हें अस्पताल स्थानांतरित करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

73 वर्षीय इमरान खान 2023 से भ्रष्टाचार के एक मामले में सजा होने के बाद से जेल में हैं। उन्हें अप्रैल 2022 में संसद में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए पद से हटा दिया गया था। खान का आरोप है कि उनकी बेदखली के पीछे अमेरिका समर्थित साजिश थी, जिसमें उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी और सेना शामिल थे। हालांकि, अमेरिका, पाकिस्तान की सेना और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इन दावों का खंडन किया है। तमाम कानूनी चुनौतियों के बावजूद, इमरान खान पाकिस्तान की राजनीति में एक केंद्रीय और मजबूत जनाधार वाले नेता बने हुए हैं।