Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
बढ़ती एलपीजी कीमतों के बीच लोकप्रिय हुआ 5 किलो का 'छोटू' सिलेंडर, बिना पक्के एड्रेस प्रूफ के मिलेगा ... गूगल अर्थ का नया AI फीचर 1 दिन में ही वापस! फेक सैटेलाइट तस्वीरों और विवाद के बाद गूगल का बड़ा फैसला अमरनाथ से भी कठिन श्रीखंड महादेव यात्रा 2026 अगले आदेश तक स्थगित: खराब मौसम के कारण प्रशासन का बड़ा ... चाय के साथ खाएं मखाने से बने ये 4 टेस्टी और हेल्दी स्नैक्स: स्वाद में नंबर 1, सेहत के लिए फायदेमंद मध्य प्रदेश में नापतौल की ठगी पर नकेल कसने की तैयारी, घटतौली और पेट्रोल चोरी पर लगेगा 1 लाख का जुर्म... मंदसौर में खेतों के बीच चल रही थी MD ड्रग्स की फैक्ट्री: पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर भागे तस्कर, 3... मुरैना में अवैध पत्थर मंडी पर पुलिस का बड़ा शिकंजा: 5 ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त, भगदड़ में पलटी ट्रॉलियां... अफ्रीकी चूहा मगावा की सात फीट ऊंची प्रतिमा लगायी, देखें वीडियो बालाघाट में घर में घुसकर सो रही महिला को उठा ले गया बाघ: कान्हा बफर जोन में दिल नहला देने वाला हादसा... पन्ना में दर्दनाक हादसा: 9 माह की गर्भवती महिला और अजन्मे बच्चे की मौत, एनीमिया बनी वजह; पति पर लापर...

इमरान खान की बहन के खिलाफ वारंट जारी

पाकिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता का दौर फिर से भड़का

इस्लामाबादः पाकिस्तान की सियासत में आज एक बार फिर भारी उथल-पुथल देखने को मिली, जब इस्लामाबाद की एक आतंकवाद विरोधी अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई के संस्थापक इमरान खान की बहन, अलीमा खान के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया। यह वारंट ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान पहले से ही आर्थिक कंगाली और आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर बुरी तरह घिरा हुआ है। इस अदालती आदेश ने देश में एक नए राजनीतिक टकराव की नींव रख दी है, जिससे आने वाले दिनों में देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों की आशंका प्रबल हो गई है।

यह कानूनी कार्रवाई मुख्य रूप से पिछले वर्ष 24 नवंबर को इस्लामाबाद और रावलपिंडी में हुए पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के विशाल विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी है। उस समय, पीटीआई समर्थकों और सुरक्षा बलों के बीच भीषण झड़पें हुई थीं, जिसमें जान-माल का काफी नुकसान हुआ था। वर्तमान शहबाज शरीफ सरकार का दावा है कि अलीमा खान ने न केवल प्रदर्शनकारियों को उकसाया, बल्कि राज्य के संस्थानों के खिलाफ विद्रोह की योजना बनाने में भी सक्रिय भूमिका निभाई। सरकार का तर्क है कि यह कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है और किसी भी व्यक्ति को हिंसा भड़काने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

दूसरी ओर, पीटीआई नेतृत्व ने इस वारंट को फासीवाद और राजनीतिक प्रतिशोध की पराकाष्ठा बताया है। पार्टी के अनुसार, चूंकि इमरान खान लंबे समय से जेल में बंद हैं, इसलिए उनकी बहनें—विशेषकर अलीमा खान—पार्टी कार्यकर्ताओं के मनोबल को बनाए रखने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी आवाज उठाने का काम कर रही थीं। पीटीआई का कहना है कि सरकार परिवार के सदस्यों को निशाना बनाकर इमरान खान को मानसिक रूप से तोड़ने की कोशिश कर रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने चेतावनी दी है कि इस तरह के हथकंडे जनता के आक्रोश को और भड़काएंगे।

यह हाई-प्रोफाइल वारंट एक ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान की राज्य मशीनरी कई मोर्चों पर नाकाम होती दिख रही है। एक तरफ बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी के आत्मघाती हमलों ने देश की सुरक्षा व्यवस्था को हिला दिया है, तो दूसरी तरफ खैबर पख्तूनख्वा में आतंकवाद की नई लहर ने प्रशासन की नींद उड़ा रखी है। आर्थिक मोर्चे पर भी महंगाई और कर्ज का बोझ जनता को कुचल रहा है। ऐसे में इमरान खान के परिवार पर कार्रवाई करने से राजनीतिक ध्रुवीकरण और बढ़ने की संभावना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि अलीमा खान की गिरफ्तारी होती है, तो यह पाकिस्तान की कमजोर पड़ती लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए एक और बड़ा झटका होगा, जिससे देश में गृहयुद्ध जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।