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उस्त-लूगा बंदरगाह पर खड़े टैंकर पर मिलीं चुंबकीय सुरंगें

रूस ने टैंकरों पर अंतर्घात के आरोपों के सबूत दिखाये

एजेंसियां

मॉस्कोः रूस की जांच समिति ने सोमवार को कहा कि रूस के बाल्टिक सागर स्थित उस्त-लूगा बंदरगाह पर एक टैंकर पर कई चुंबकीय सुरंगें (मैग्नेटिक माइन्स) पाई गई हैं। समिति ने बताया कि नाटो देश में निर्मित ये माइन्स गोताखोरों को तब मिलीं, जब वे एरेनियस नामक टैंकर के निचले हिस्से की जांच कर रहे थे।

यह टैंकर तरलीकृत पेट्रोलियम गैस लोड करने के लिए बेल्जियम के एंटवर्प बंदरगाह से यहाँ पहुँचा था। रूस ने अपने ऊर्जा बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुँचाने के उद्देश्य से की जाने वाली संदिग्ध तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद अपने बंदरगाहों पर सुरक्षा उपाय कड़े कर दिए हैं। दूसरी ओर, नाटो के एक अधिकारी ने ईमेल के जरिए दिए एक बयान में कहा कि नाटो ने किसी भी टैंकर पर माइन्स नहीं लगाई हैं।

पिछले साल, चार तेल टैंकरों पर संदिग्ध हमलों के बाद रूस ने गोताखोरों को अपने बंदरगाहों में जहाजों की जांच करने का आदेश दिया था। इससे पहले फरवरी 2025 में, उस्त-लूगा में सूएजमैक्स टैंकर कोआला के इंजन रूम में विस्फोट होने के बाद वह जमीन पर फंस गया था। एलएसईजी जहाज ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, एरेनियस टैंकर लाइबेरिया के झंडे तले पंजीकृत है और इसका प्रबंधन संयुक्त अरब अमीरात की कंपनी मैपल मैरिनर होल्डिंग द्वारा किया जाता है।

रूस की जांच समिति की प्रवक्ता स्वेतलाना पेट्रेंको ने कहा कि ये माइन्स एक नाटो देश द्वारा बनाई गई थीं। उन्होंने बताया कि यह जहाज 20 मई को उस्त-लूगा बंदरगाह में दाखिल हुआ था और इसे तुर्की के सैमसुन बंदरगाह के लिए रवाना होना था।

उन्होंने बताया कि इन माइन्स को निष्क्रिय (डीएक्टिवेट) कर दिया गया है। पेट्रेंको ने कहा, शुरुआती जांच कार्रवाई के आधार पर, पहले ही यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि ये चुंबकीय सुरंगें रूस के क्षेत्रीय जलक्षेत्र में नहीं लगाई गई होंगी।