Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
दुश्मनों की अब खैर नहीं! ड्रोन से लैस होंगे भारतीय सेना के टैंक, 'शौर्य स्क्वाड्रन' बना हाईटेक ताकत Swami Avimukteshwaranand News: यौन उत्पीड़न मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को हाई कोर्ट से अग्रि... क्वांटम प्रकाश में 48 आयामी दुनिया की खोज Parliament Dress Code: क्या राहुल गांधी पर है निशाना? BJP नेता ने की संसद में टी-शर्ट और कार्गो बैन ... West Bengal Politics: ममता सरकार को घेरने का BJP का प्लान, 28 मार्च को अमित शाह लाएंगे 'चार्जशीट' Deputy CM Vijay Sharma: पापा राव के सरेंडर से पहले की सीक्रेट फोन कॉल! जानें डिप्टी सीएम ने क्या दिय... Budaun News: रेलवे की बड़ी सौगात! अब घूमकर नहीं सीधे दिल्ली जाएगी ट्रेन, चेक करें नया रूट West Asia Crisis: LPG, PNG और बिजली दरों पर मंत्री समूह की बैठक में अहम मंथन GST की चोरी, 5 राज्यों में फैला नेटवर्क, करोड़ों का लगाया ‘चूना’… मुरादाबाद से मास्टरमाइंड ‘भूरा प्रध... Arvind Kejriwal in Amreli: 'पंजाब की तरह गुजरात में भी लाएंगे खुशहाली', जनसभा में सरकार पर बरसे केजर...

MCB News: अमृतधारा महोत्सव में छिड़ा सियासी संग्राम, जनप्रतिनिधियों और नेताओं में दिखी भारी नाराजगी

मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर: एमसीबी जिले में इन दिनों अमृतधारा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है. रविवार को यह आयोजन विवादों में घिर गया. कार्यक्रम स्थल पर पुलिस द्वारा की गई बेरिकेटिंग के कारण स्थानीय जनप्रतिनिधियों को रोका गया. जिसके बाद राजनेताओं में नाराजगी देखने को मिली है.नगरपालिका परिषद मनेंद्रगढ़ की अध्यक्ष प्रतिमा यादव एवं विधायक प्रतिनिधि सरजू यादव कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे थे, लेकिन पुलिस द्वारा मुख्य द्वार से पहले ही उनकी गाड़ी रोक दी गई. जिसके बाद विवाद शुरू हो गया.

गाड़ी रोके जाने से नेताओं में नाराजगी

मिली जानकारी के मुताबिक गाड़ी में नेम प्लेट लगी होने और परिचय देने के बावजूद प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई. इस पर विधायक प्रतिनिधि सरजू यादव नाराज़ हो गए और उन्होंने गाड़ी में लगी नगरपालिका अध्यक्ष की नेम प्लेट निकालकर कार्यक्रम स्थल की ओर फेंक दी. घटना के बाद दोनों जनप्रतिनिधि कार्यक्रम छोड़कर वापस लौट गए.

राजनेताओं और कार्यकर्ताओं भी हुए गुस्सा

मंच से सरजू यादव का नाम पुकारा गया, लेकिन वे मंच पर नहीं पहुंचे. दूसरी ओर नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिमा यादव का नाम मंच से नहीं लिया गया, जिससे असंतोष और बढ़ गया.घटना के बाद राजनेताओं ने इसे सम्मान की बात कही है. समर्थकों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों के साथ इस प्रकार का व्यवहार उचित नहीं है.कई कार्यकर्ताओं ने इसे “सम्मान का सवाल” बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है.स्थानीय राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि यह पहली बार नहीं है जब पार्टी के जनप्रतिनिधियों को इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़ा हो.

हम कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे. गाड़ी में नेम बोर्ड लगा था, पहचान बताई गई, फिर भी पुलिस ने रोक दिया. यह जनप्रतिनिधियों का अपमान है. सम्मान से बड़ा कुछ नहीं होता-सरजू यादव, विधायक प्रतिनिधि

हमें आमंत्रित किया गया था, लेकिन प्रवेश नहीं दिया गया. यह बेहद दुखद है. जनप्रतिनिधियों के साथ ऐसा व्यवहार सही नहीं है- प्रतिमा यादव, नगरपालिका अध्यक्ष

अमृतधारा महोत्सव में ऐसी घटना घटने के बाद स्थानीय राजनेताओं में बड़ी नाराजगी है. इस पर सियासत भी गर्मा गई है. अब देखना होगा कि इस केस में आगे क्या होता है.