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शहडोल स्वास्थ्य व्यवस्था पर फिर उठे सवाल: 108 एंबुलेंस के इंतजार में महिला की मौत, रास्ते में दिया बच्ची को जन्म

मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था की एक और बड़ी लापरवाही सामने आई है। जैतपुर थाना क्षेत्र के गलहथा गांव में 108 एंबुलेंस के समय पर न पहुँचने के कारण एक 22 वर्षीय गर्भवती महिला की जान चली गई। महिला को प्रसव पीड़ा होने पर घंटों एंबुलेंस का इंतजार किया गया, लेकिन गाड़ी न आने पर परिजनों को उसे ऑटो से अस्पताल ले जाना पड़ा। इस दौरान रास्ते में ही महिला ने बच्ची को जन्म दे दिया, लेकिन अस्पताल पहुँचने के कुछ देर बाद ही उसने दम तोड़ दिया।

👶 ऑटो में हुआ प्रसव और फिर इलाज के दौरान मौत

परिजनों के अनुसार, मौहर टोला की रहने वाली जयमंती पांडो को जैसे ही प्रसव पीड़ा शुरू हुई, उन्होंने 108 एंबुलेंस को कॉल किया। घंटों बीत जाने के बाद भी जब एंबुलेंस नहीं आई, तो परिजनों ने मजबूरी में गांव के एक ऑटो चालक को बुलाया। रास्ते में स्थिति बिगड़ गई और महिला ने ऑटो में ही बच्ची को जन्म दिया। जैसे-तैसे परिजन महिला को जैतपुर अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने इलाज तो शुरू किया, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव और स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण महिला की मौत हो गई।

🏥 स्वास्थ्य विभाग की प्रतिक्रिया

इस घटना के बाद बुढ़ार के बीएमओ डॉक्टर सचिन कारखुर ने सफाई देते हुए कहा कि गर्भवती महिला की स्थानीय एएनएम के माध्यम से नियमित जांच की जा रही थी। उन्होंने बताया कि महिला बीच में कुछ दिनों के लिए अपने मायके चली गई थी, जिस वजह से कुछ आवश्यक जांचें छूट गई थीं। बीएमओ ने इस बात को स्वीकार किया कि एंबुलेंस के देरी से पहुँचने के कारण महिला को रास्ते में प्रसव का सामना करना पड़ा।

यह घटना जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के दावों की पोल खोलती है। परिजनों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि एंबुलेंस सेवा में लापरवाही बरती गई है, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।