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तमिलनाडु की राजधानी को ठंडा रखने का लक्ष्य तय

एक साल में 12 लाख पेड़ लगाये जाएंगे

राष्ट्रीय खबर

चेन्नई: ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन ने बढ़ते तापमान से निपटने और शहरी हरियाली को बढ़ावा देने के लिए एक साल के भीतर 12 लाख पेड़ लगाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य की दिशा में कदम बढ़ाते हुए, नगर निकाय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 5 जून को मनाए गए विश्व पर्यावरण दिवस से लेकर अब तक शहर भर में 86,000 पौधे लगाए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त, निगम अपने सभी 15 ज़ोनों में चिन्हित स्थानों पर स्वदेशी (मूल) वृक्ष प्रजातियों को उगाने पर काम कर रहा है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, इस बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए, जीसीसी प्रत्येक ज़ोन में 50,000 स्वदेशी पौधों को तैयार करने की योजना पर काम कर रहा है। इसके साथ ही वन विभाग, बागवानी विभाग और निजी एजेंसियों से भी पौधे खरीदे जा रहे हैं। जब ये पौधे 4 फीट या उससे अधिक ऊंचे हो जाएंगे, तब इन्हें शहर के विभिन्न हिस्सों में रोपा जाएगा।

नगर निकाय ने इन 50,000 पौधों को नर्सरी के रूप में विकसित करने के लिए अपने 15 ज़ोनों में 17 पार्कों की पहचान की है। इनमें तिरुवोट्टियूर का एमआरएफ पार्क, मनाली का एमएमडीए पार्क, माधवरम का सिल्वर स्काई पार्क, रॉयपुरम का मिंट पार्क, थिरु वी का नगर का हर्बल पार्क और तेयनमपेट का टर्नबुल्स रोड पार्क शामिल हैं। इसके अलावा कोदंबक्कम का नटेशन पार्क, वलसरवक्कम का एमएस स्वामीनाथन वेटलैंड पार्क और अड्यार का इंदिरा नगर पार्क भी इस परियोजना का हिस्सा हैं।

अधिकारी ने बताया, बीते वर्षों में जीसीसी हर साल करीब एक लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखता था। लेकिन इस साल गर्मी और लू से निपटने के लिए स्थानीय निकाय स्कूलों, पार्कों, खाली जमीनों और ऊंची इमारतों (हाई-राइज अपार्टमेंट) के परिसर जैसी जगहों पर स्वदेशी पौधे लगाने पर जोर दे रहा है। इन पार्कों में जो मूल भारतीय पेड़ उगाए जा रहे हैं, उनमें मुख्य रूप से अर्जुन (नीर्मरुथु), भारतीय बादाम, अमलतास (सराकोंद्रई), पारस पीपल (पूवरसु), करंज (पुंगम) और गुंजा (कूनडू मनी) शामिल हैं।

अधिकारी ने यह भी रेखांकित किया कि जून महीने में वन विभाग से 25,647 पौधे प्राप्त हुए थे, जिन्हें स्कूलों सहित 1,000 से अधिक स्थानों पर लगाया गया है और इनकी सिंचाई के लिए स्प्रिंकलर (फव्वारों) का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य न केवल पौधे लगाना है, बल्कि भविष्य में बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए उनका उचित रखरखाव करना भी है ताकि चेन्नई को अधिक हरा-भरा और ठंडा बनाया जा सके।