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कनाडा में बंदूक नियंत्रण लोकप्रिय पर विवादों में

स्कूल में हुई गोलीबारी के बाद कनाडा में फिर से बहस तेज

ओटावाः ब्रिटिश कोलंबिया के एक स्कूल में हुई हालिया दुखद गोलीबारी ने कनाडा में बंदूक नियंत्रण की बहस को फिर से तेज कर दिया है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब कनाडा सरकार अपने महत्वाकांक्षी राष्ट्रव्यापी फायरआर्म्स बायबैक (हथियार वापस खरीदने) कार्यक्रम को लागू करने में भारी लॉजिस्टिक और व्यावहारिक चुनौतियों का सामना कर रही है। कनाडा में सामान्यतः बंदूक नियंत्रण के पक्ष में कड़ा जनमत है, लेकिन इस विशेष योजना को लेकर तीखी आलोचना हो रही है।

सख्त कानून और 2020 की त्रासदी का संदर्भ कनाडा में अमेरिका की तुलना में पहले से ही बहुत सख्त बंदूक कानून मौजूद हैं और वहां सामूहिक गोलीबारी की घटनाएं अत्यंत दुर्लभ मानी जाती हैं। हालांकि, साल 2020 में नोवा स्कोटिया में हुई एक भयावह घटना ने सब कुछ बदल दिया। उस समय एक व्यक्ति ने पुलिस अधिकारी का वेश धारण कर 22 लोगों की हत्या कर दी थी, जो कनाडा के इतिहास का सबसे भीषण हमला था। इस हमले के बाद प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की सरकार ने हमलावर श्रेणी के हथियारों पर प्रतिबंध लगाने और सुधारों का एक बड़ा पैकेज पेश किया।

बायबैक कार्यक्रम और कार्यान्वयन की चुनौतियाँ जनवरी में कनाडा ने इन सुधारों में से एक सबसे चर्चित हिस्से को लागू करना शुरू किया: प्रतिबंधित हथियारों के मालिकों को मुआवजा देकर उनके हथियार वापस लेने का कार्यक्रम। हालांकि, यह योजना वर्षों की देरी, पुलिस विभागों के विरोध और प्रांतीय अधिकारियों की आपत्तियों से घिरी रही है।

हाल ही में सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री गैरी आनंदसांगरी का एक कथित ऑडियो सामने आया, जिसमें वे स्वयं पुलिस विभागों द्वारा इस बायबैक को लागू करने की क्षमता पर सवाल उठाते सुनाई दिए। हालांकि बाद में उन्होंने इसे भ्रामक बताया, लेकिन इसने योजना की व्यवहार्यता पर संदेह पैदा कर दिया। वर्तमान ढांचे के अनुसार, जिन कनाडाई नागरिकों के पास 2,500 से अधिक प्रतिबंधित मॉडलों में से कोई भी हथियार है, उन्हें 31 मार्च तक पंजीकरण कराना होगा। यदि वे इस तिथि के बाद पंजीकरण करते हैं, तो उन्हें कोई मुआवजा नहीं मिलेगा, लेकिन उन्हें 30 अक्टूबर 2026 तक अपने हथियार सरेंडर करने होंगे या उन्हें स्थायी रूप से नष्ट करना होगा, अन्यथा उन्हें आपराधिक उत्तरदायित्व का सामना करना पड़ सकता है।

कनाडा की जीवंत गन संस्कृति और सांख्यिकीय बाधाएं इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी चुनौती कनाडा में मौजूद हथियारों की विशाल संख्या है। संघीय सरकार के पास लगभग 1,36,000 हथियारों को खरीदने का बजट है, जबकि आंकड़ों के अनुसार कनाडा में लगभग 20 लाख पंजीकृत और करीब 1 करोड़ गैर-पंजीकृत हथियार मौजूद हैं। स्मॉल आर्म्स सर्वे की एक रिपोर्ट बताती है कि अन्य विकसित लोकतंत्रों की तुलना में कनाडा में नागरिक बंदूक स्वामित्व की दर काफी अधिक है।

सेंट मैरी यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ब्लेक ब्राउन के अनुसार, कनाडा में बंदूक नियंत्रण का सामान्य समर्थन तो है, लेकिन यह एक गहरा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। कंजर्वेटिव पार्टी ऑफ इंडिया (विपक्षी दल) ने खुद को हथियार मालिकों के हितों के साथ जोड़ लिया है, जो इस योजना को सरकारी अतिरेक के रूप में देखते हैं।

विरोध के स्वर कनाडाई गठबंधन फॉर फायरआर्म्स राइट्स (सीसीएफआर) जैसे समूह, जो खुद को कनाडा की गन लॉबी कहते हैं, इस बायबैक का कड़ा विरोध कर रहे हैं। उनके अनुसार, वे सख्त लाइसेंसिंग नियमों का तो समर्थन करते हैं, लेकिन वैध मालिकों से उनके हथियार छीनना और उन्हें मुआवजा देना समस्या का समाधान नहीं है। उनका तर्क है कि यह कार्यक्रम उन अपराधियों को लक्षित नहीं करता जो अवैध हथियारों का उपयोग करते हैं, बल्कि उन नागरिकों को दंडित करता है जो नियमों का पालन करते आए हैं।