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यूक्रेन के ऊर्जा मंत्री देश छोड़ते वक्त गिरफ्तार

भ्रष्टाचार के मामले में हटाये गये थे पहले ही

कीवः यूक्रेन की भ्रष्टाचार विरोधी संस्थाओं ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए देश के पूर्व ऊर्जा मंत्री को उस समय हिरासत में ले लिया, जब वे सीमा पार कर देश से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे। रविवार को अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह गिरफ्तारी यूक्रेन के ऊर्जा क्षेत्र में व्याप्त एक गहरे भ्रष्टाचार घोटाले से जुड़ी है, जिसने पिछले साल देश की राजनीति में भूचाल ला दिया था।

मिडास केस और जांच का दायरा यूक्रेन के राष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो ने अपने आधिकारिक बयान में पुष्टि की है कि उनके जासूसों ने मिडास केस के हिस्से के रूप में पूर्व मंत्री को हिरासत में लिया है। हालांकि, कानूनी प्रक्रियाओं और गोपनीयता का हवाला देते हुए अभी तक पूर्व मंत्री के नाम का आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है। मिडास केस यूक्रेन के ऊर्जा क्षेत्र में हुए उस व्यापक भ्रष्टाचार की जांच का कूटनाम है, जिसने न केवल सरकारी खजाने को भारी चपत लगाई, बल्कि पिछले साल यूक्रेन में एक गंभीर राजनीतिक संकट भी पैदा कर दिया था। एनएबीयू ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में शुरुआती जांच और पूछताछ की कार्रवाई कानून की सख्त आवश्यकताओं के अनुसार की जा रही है।

यह पूरा विवाद मुख्य रूप से उन ठेकेदारों से मिलने वाली कथित रिश्वत के इर्द-गिर्द घूमता है, जिन्हें देश के महत्वपूर्ण ऊर्जा बुनियादी ढांचे की सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया था। इस घोटाले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने पिछले साल कड़ा रुख अपनाया था, जिसके बाद तत्कालीन सेवारत ऊर्जा मंत्री और एक पूर्व मंत्री को अपने पदों से इस्तीफा देना पड़ा था। हालांकि, दोनों ने ही किसी भी तरह की गड़बड़ी या भ्रष्टाचार के आरोपों से साफ इनकार किया था। इस राजनीतिक उथल-पुथल की आंच राष्ट्रपति के कार्यालय तक भी पहुंची थी, जिसके परिणामस्वरूप राष्ट्रपति के चीफ ऑफ स्टाफ एंड्री यरमक को भी अपने पद से त्यागपत्र देना पड़ा था।

वित्तीय हेराफेरी का पैमाना जांचकर्ताओं के अनुसार, इस घोटाले में लगभग 10 करोड़ डॉलर की सरकारी राशि का गबन किया गया है। आरोप है कि एनर्गोएटम जैसी सरकारी कंपनियां, जो यूक्रेन के परमाणु ऊर्जा संयंत्रों का संचालन करती हैं, उन्होंने सुरक्षा बढ़ाने के नाम पर निजी कंपनियों को भारी-भरकम भुगतान किए। लेकिन वास्तव में, इस धन का एक बड़ा हिस्सा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया और सुरक्षा कार्यों में भारी अनियमितताएं पाई गईं। इस मामले की गहराई तक पहुँचने के लिए भ्रष्टाचार विरोधी निकायों ने दर्जनों ठिकानों पर छापेमारी की थी।

यूक्रेन में भ्रष्टाचार के विरुद्ध जंग यूक्रेन के लिए भ्रष्टाचार एक पुरानी और जटिल समस्या रही है, विशेषकर युद्ध के इस दौर में जब अंतरराष्ट्रीय सहायता और हथियारों की खरीद पर दुनिया की नजरें टिकी हैं। साल 2023 से एनएबीयू ने कई हाई-प्रोफाइल घोटालों की जांच शुरू की है। इसी कड़ी में जनवरी 2024 में, यूक्रेन की सुरक्षा सेवा ने सेना के लिए हथियारों की खरीद में लगभग 40 मिलियन डॉलर के एक और बड़े भ्रष्टाचार रैकेट का पर्दाफाश किया था। वर्तमान गिरफ्तारी यह दर्शाती है कि यूक्रेन अपनी छवि सुधारने और यूरोपीय संघ की सदस्यता की दिशा में पारदर्शिता लाने के लिए भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहा है।