बीएसएफ को जमीन और आयुष्मान भारत लागू
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गृह मंत्रालय को सौंप देंगे जमीन
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बाड़ लगने से घुसपैठ खत्म होगी
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डबल इंजन सरकार ही काम करेगी
राष्ट्रीय खबर
कोलकाताः पश्चिम बंगाल में नवनियुक्त भाजपा सरकार ने सोमवार को राज्य सचिवालय नबन्ना में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में हुई पहली कैबिनेट बैठक के दौरान नीतिगत और प्रशासनिक निर्णयों की झड़ी लगा दी। इन प्रमुख निर्णयों में राज्य में आयुष्मान भारत योजना को लागू करना, सीमा पर बाड़ लगाने के लिए सीमा सुरक्षा बल को भूमि हस्तांतरण और कई केंद्रीय कल्याणकारी कार्यक्रमों का विस्तार शामिल है।
बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि सरकार ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़बंदी को मजबूत करने के लिए बीएसएफ को जमीन सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन्होंने कहा, आज हमारी पहली कैबिनेट बैठक में हमने बीएसएफ को जमीन हस्तांतरित करने का निर्णय लिया है। यह प्रक्रिया आज से ही शुरू हो रही है और अगले 45 दिनों के भीतर जमीन गृह मंत्रालय को सौंप दी जाएगी। इसके पूरा होते ही बीएसएफ बाड़ लगाने का काम पूरा करेगी, जिससे अवैध घुसपैठ की समस्या का जल्द समाधान होगा।
शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन को खत्म कर सत्ता में आई भाजपा सरकार की पहली बैठक में कुल छह महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। उन्होंने कहा, सभी संबंधित अधिकारियों के साथ पहली बैठक सफल रही। हम बंगाल की जनता को आश्वासन देते हैं कि यह डबल इंजन सरकार विकास से जुड़े सभी कार्यों को पूरा करेगी। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार अन्य भाजपा शासित राज्यों की तरह पारदर्शिता, सुरक्षा और विकास के सिद्धांतों पर काम करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश डर बाहर, विश्वास भीतर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह सरकार अहंकार से नहीं, बल्कि सिद्धांतों से चलती है।
कैबिनेट ने आधिकारिक तौर पर आयुष्मान भारत योजना के कार्यान्वयन को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री ने कहा, बंगाल में आयुष्मान भारत और जन आरोग्य योजना के साथ-साथ प्रधानमंत्री की अन्य योजनाएं भी लागू होंगी। स्वास्थ्य सचिव और मुख्यमंत्री कार्यालय के सलाहकारों को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ जल्द से जल्द समझौता प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, राज्य में प्रधानमंत्री कृषक बीमा योजना, पीएम श्री (PM SHRI), विश्वकर्मा योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और उज्ज्वला योजना जैसी प्रमुख केंद्रीय योजनाओं को भी तेजी से लागू किया जाएगा। जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों को आवेदन भेजने की प्रक्रिया में तेजी लाएं।