कोरियाई इलाके में फिर से उत्तर कोरिया के सामने शक्ति प्रदर्शन
सिओलः कोरियाई प्रायद्वीप में बढ़ती भू-राजनीतिक अस्थिरता के बीच, दक्षिण कोरिया और संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपने वार्षिक हवाई युद्धाभ्यास बडी स्क्वाड्रन का आगाज़ कर दिया है। ओसान एयर बेस पर शुरू हुआ यह पाँच दिवसीय अभ्यास न केवल अपनी आक्रामकता के लिए, बल्कि अपनी अभूतपूर्व तकनीकी व्यापकता के लिए भी चर्चा में है।
इस वर्ष का अभ्यास पिछले संस्करणों की तुलना में दोगुना बड़ा है। इसका मुख्य केंद्र चौथी और पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों का घातक तालमेल है। केएफ-16 को दक्षिण कोरियाई वायु सेना का मुख्य आधार, जो अपनी गतिशीलता के लिए जाना जाता है। एफ-16 अमेरिकी वायु सेना का बहुउद्देशीय लड़ाकू विमान। एफ-35ए स्टील्थ इस वर्ष पहली बार दक्षिण कोरिया के इन उन्नत विमानों को बड़े स्तर पर शामिल किया गया है।
ये विमान रडार की नजर से बचकर दुश्मन की सीमा में घुसने में सक्षम हैं। सैन्य भाषा में इंटरऑपरेबिलिटी का अर्थ है कि दो अलग-अलग देशों की सेनाएं एक ही संचार प्रणाली और युद्धक रणनीति का उपयोग करते हुए एक साथ कैसे लड़ सकती हैं। हवा में आमने-सामने की लड़ाई के दौरान पायलटों के बीच त्वरित संचार का परीक्षण। उन्नत मिसाइल प्रणालियों को साझा रडार डेटा के माध्यम से लॉन्च करने का प्रशिक्षण। एक ही समय में दर्जनों विमानों द्वारा विभिन्न दिशाओं से हमला करने की रणनीति।
यह अभ्यास केवल एक सैन्य ड्रिल नहीं, बल्कि उत्तर कोरिया के लिए एक सीधा कड़ा संदेश है। प्योंगयांग द्वारा हाल ही में किए गए अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षणों ने सियोल और वाशिंगटन को अपनी रक्षात्मक मुद्रा को आक्रामक रक्षा में बदलने पर मजबूर कर दिया है। दक्षिण कोरिया में वर्तमान में अमेरिका के 28,500 सैनिक तैनात हैं, जो इस क्षेत्र में वाशिंगटन की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
दक्षिण कोरियाई पायलटों के अनुसार, यह साझा मंच नवीनतम वॉरफेयर तकनीकों को सीखने और वास्तविक युद्ध जैसी स्थितियों में प्रतिक्रिया समय को कम करने में मदद करता है। बडी स्क्वाड्रन अभ्यास यह सुनिश्चित करता है कि यदि प्रायद्वीप में संघर्ष की स्थिति बनती है, तो दोनों देशों की वायु सेनाएं एक इकाई के रूप में कार्य कर सकेंगी। यह शक्ति प्रदर्शन उत्तर कोरिया और उसके समर्थकों को इस क्षेत्र में किसी भी दुस्साहस के प्रति सचेत करता है।