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कांच के विशाल भंडार से अंतरिक्ष की प्रतिक्रिया की पुष्टि हुई

ब्राजील में हुआ था विशाल क्षुद्रग्रह का प्रहार

  • खास किस्म के कांच के टुकड़े मिले है

  • आर्गन आइसोटोप डेटिंग से पता चला

  • 63 लाख साल पहले की घटना है यह

राष्ट्रीय खबर

रांचीः वैज्ञानिकों ने ब्राजील में टेक्टाइट्स के पहले ज्ञात क्षेत्र की पहचान की है। टेक्टाइट वह कांच जैसा पदार्थ होता है, जो तब बनता है जब कोई क्षुद्रग्रह या अन्य अलौकिक पिंड अत्यधिक बल के साथ पृथ्वी से टकराता है। इन नमूनों को गेरायसाइट्स नाम दिया गया है, क्योंकि ये पहली बार मिनस गेरैस राज्य में पाए गए थे। यह खोज दक्षिण अमेरिका के प्राचीन प्रभाव घटनाओं के अधूरे रिकॉर्ड को भरने में मदद करती है।

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कैंपिनास स्टेट यूनिवर्सिटी के भूविज्ञानी प्रोफेसर अल्वारो पेंटाडो क्रोस्टा के नेतृत्व में किए गए इस शोध को जियोलॉजी जर्नल में प्रकाशित किया गया है। इस खोज से पहले दुनिया भर में केवल पांच प्रमुख टेक्टाइट क्षेत्र ज्ञात थे: ऑस्ट्रेलेशिया, मध्य यूरोप, आइवरी कोस्ट, उत्तरी अमेरिका और बेलीज। अब ब्राजील भी इस दुर्लभ समूह में शामिल हो गया है।

शुरुआत में ये गेरायसाइट्स मिनस गेरैस के तीन नगर पालिकाओं में लगभग 90 किलोमीटर के क्षेत्र में पाए गए थे। हालांकि, बाद के शोधों में बाहिया और पियाउई राज्यों में भी इनके अंश मिले, जिससे इस क्षेत्र का कुल विस्तार अब 900 किलोमीटर से अधिक हो गया है। शोधकर्ताओं ने अब तक 600 से अधिक टुकड़े एकत्र किए हैं, जिनका वजन 1 ग्राम से लेकर 85.4 ग्राम तक है। इनका आकार वायुगतिकीय है, जैसे कि गोले, बूंदें, डिस्क और डंबल।

विशेषताएं और वैज्ञानिक प्रमाण देखने में गेरायसाइट्स काले और अपारदर्शी लगते हैं, लेकिन तेज रोशनी में ये धूसर-हरे रंग के पारभासी दिखाई देते हैं। इनकी सतह पर छोटे गड्ढे हैं, जो वायुमंडल से गुजरते समय पिघले हुए पदार्थ से निकली गैस के बुलबुलों के निशान हैं। प्रयोगशाला विश्लेषण में इनमें 70.3 से 73.7 प्रतिशत तक सिलिका पाई गई है। साथ ही, इनमें पानी की मात्रा बेहद कम (71 से 107 पीपीएम) है, जो इन्हें ज्वालामुखी कांच (ऑब्सीडियन) से अलग करती है और इनके अंतरिक्षीय प्रभाव से उत्पन्न होने की पुष्टि करती है।

आर्गन आइसोटोप डेटिंग से पता चलता है कि यह टक्कर लगभग 63 लाख साल पहले मियोसीन युग के अंत में हुई थी। हालांकि, इस टक्कर से बना क्रेटर (गड्ढा) अभी तक नहीं मिला है। क्रोस्टा के अनुसार, छह प्रमुख टेक्टाइट क्षेत्रों में से केवल तीन के क्रेटर ही अब तक खोजे जा सके हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह टक्कर साओ फ्रांसिस्को क्रेटन नामक क्षेत्र में हुई होगी, जो दक्षिण अमेरिका की सबसे पुरानी महाद्वीपीय पपड़ी है। यह खोज दक्षिण अमेरिका के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ती है और वैज्ञानिकों को भविष्य में संभावित क्षुद्रग्रह खतरों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करती है।

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