Breaking News in Hindi

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता पर कांग्रेस का तंज

अंतरिम डील को बताया किसानों के साथ धोखा

  • नमस्ते ट्रंप बनाम हाउडी मोदी

  • सिर्फ अमेरिकी हितों की चर्चा है

  • भारतीय किसानों पर बोले सरकार

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच शनिवार को हुए अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर देश में राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे मेक इन इंडिया के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया है, वहीं कांग्रेस ने इसे भारत के हितों के साथ समझौता करार दिया है। कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के गले मिलने और फोटो खिंचवाने का कोई ठोस परिणाम नहीं निकला।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने फिल्म संगम के प्रसिद्ध गीत की पंक्ति दोस्त-दोस्त न रहा का उपयोग करते हुए कहा कि इस संयुक्त बयान में विवरणों की कमी है। रमेश ने दावा किया कि इस समझौते में अमेरिकी हितों को भारतीय हितों पर प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने लिखा, नमस्ते ट्रंप ने हाउडी मोदी पर बाजी मार ली है।

विपक्ष ने इस समझौते के पर चिंता जताई है। जयराम रमेश के अनुसार, भारत अब रूस से तेल आयात नहीं करेगा। अमेरिका ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि भारत ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रूसी तेल खरीदा, तो 25 फीसद का जुर्माना फिर से लगा दिया जाएगा। कांग्रेस का दावा है कि भारत अमेरिकी किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए आयात शुल्क में कटौती करेगा, जिससे भारतीय किसानों के बाजार पर बुरा असर पड़ेगा।

विपक्ष का मानना है कि अमेरिका से वार्षिक आयात तीन गुना बढ़ जाएगा, जिससे भारत का लंबे समय से चला आ रहा व्यापार अधिशेष खत्म हो जाएगा।

दूसरी ओर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते को ऐतिहासिक बताते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिबद्धता के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समझौता मेक इन इंडिया को मजबूती प्रदान करेगा। सरकार के अनुसार

भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी शुल्क 50 से घटकर 18 प्रतिशत रह जाएगा, जिससे भारतीय निर्यातकों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर का विशाल बाजार खुल जाएगा। पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि इससे किसानों, एमएसएमई, स्टार्टअप्स और मछुआरों के लिए नए अवसर पैदा होंगे और महिलाओं व युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होंगे।

समझौते के तहत, राष्ट्रपति ट्रंप ने रूसी तेल की खरीद के कारण पिछले साल लगाए गए 25 फीसद अतिरिक्त आयात शुल्क को हटाने का निर्णय लिया है, क्योंकि भारत ने भविष्य में मॉस्को से तेल न खरीदने की प्रतिबद्धता जताई है।