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जनरल नरवणे के पहले भी लोगों ने सरकारी प्रताड़ना झेली है

पूर्व सैन्य अधिकारी की पुस्तक अब भी अप्रकाशित

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की संस्मरण पुस्तक फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी को लेकर मचा राजनीतिक घमासान थमता नजर नहीं आ रहा है। यह विवाद न केवल वर्तमान सरकार की नीतियों पर सवाल उठाता है, बल्कि उन पूर्व सैन्य अधिकारियों की संघर्षपूर्ण गाथा को भी उजागर करता है जिन्होंने सेवानिवृत्ति के बाद अपनी यादें साझा करने का साहस दिखाया।

संसद में हाल ही में सरकार ने तर्क दिया कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी सदन में जनरल नरवणे की पुस्तक के अंश नहीं पढ़ सकते क्योंकि पुस्तक अभी प्रकाशित नहीं हुई है। गौरतलब है कि रक्षा मंत्रालय ने पिछले एक साल से इस आत्मकथा को समीक्षा के अधीन रखकर इसके प्रकाशन पर अघोषित रोक लगा रखी है। जनरल नरवणे ने अब इस गतिरोध से आगे बढ़ते हुए सैन्य कथा साहित्य की ओर रुख कर लिया है, लेकिन उनकी मूल कृति आज भी फाइलों में दबी है।

जनरल नरवणे अकेले ऐसे अधिकारी नहीं हैं। मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) वी.के. सिंह का मामला इसका सबसे ज्वलंत उदाहरण है। 2002 में सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने 2007 में इंडियाज एक्सटर्नल इंटेलिजेंस—सीक्रेट्स ऑफ रिसर्च एंड एनालिसिस विंग नामक पुस्तक लिखी। इसके प्रकाशन के तुरंत बाद सीबीआई ने उन पर ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर दिया। उनके घर पर छापे मारे गए, पासपोर्ट और कंप्यूटर जब्त कर लिए गए। आज 81 वर्ष की आयु में भी वे जमानत पर हैं और उनके खिलाफ मुकदमा अभी तक ठीक से शुरू भी नहीं हो पाया है।

मेजर जनरल सिंह का तर्क है कि 1954 के सेना नियम केवल सेवारत कर्मियों पर लागू होते हैं, सेवानिवृत्त अधिकारियों पर नहीं। उन्होंने अपनी पुस्तक में रॉ के भीतर संभावित भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए एक व्हिसलब्लोअर के रूप में काम किया था। सीबीआई ने उन पर एजेंसी के चार्टर और तकनीकी क्षमताओं जैसी गुप्त जानकारियों को उजागर करने का आरोप लगाया है। मेजर जनरल सिंह जैसे मामले सेवानिवृत्त रक्षा कर्मियों के मन में भय पैदा करते हैं। यही कारण है कि कई अधिकारी संवेदनशील असाइनमेंट पर लिखने का जोखिम नहीं उठाना चाहते। वर्तमान में यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है, जहाँ सिंह ने न्याय की गुहार लगाई है कि सार्वजनिक हित में लिखी गई पुस्तक के कारण 18 साल से उनका मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न किया जा रहा है।