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असम के कोकराझार में जातीय हिंसा और तनाव

एक सड़क दुर्घटना से भड़की हिंसा के बाद स्थिति गंभीर हुई

  • इंटरनेट और मोबाइल सेवा बंद की गयी

  • राष्ट्रीय राजमार्ग को बाधित कर प्रदर्शन

  • हमले में दो आदिवासियों की मौत हुई

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी: असम के कोकराझार जिले में एक सड़क दुर्घटना के बाद भड़की जातीय हिंसा ने गंभीर रूप ले लिया है। बोडो और आदिवासी समुदायों के बीच हुई इस झड़प में अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग घायल हैं। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सेना को तैनात कर दिया है और संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकाला जा रहा है।

हिंसा का कारण और घटनाक्रम हिंसा की शुरुआत मंगलवार रात गौर नगर इलाके में हुई एक कार दुर्घटना के बाद हुई। विवाद ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया, जिसमें भीड़ ने सिखना ज्वह्वलाओ बिस्मित नामक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी। खबरों के मुताबिक, तीन बोडो व्यक्तियों पर पड़ोसी आदिवासी ग्रामीणों ने हमला किया और उनके वाहन को आग के हवाले कर दिया। इस हमले में घायल एक अन्य व्यक्ति, सुनील मुर्मू ने भी बाद में अस्पताल में दम तोड़ दिया।

बिगड़ते हालात और पुलिस कार्रवाई घटना के विरोध में बुधवार को दोनों समुदायों के लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने करीगांव पुलिस चौकी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया, टायर जलाए और एक सरकारी कार्यालय को आग लगा दी। उग्र भीड़ ने पुलिस चौकी पर भी हमला किया, जिसके जवाब में पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे। इस संघर्ष में पुलिसकर्मियों सहित करीब 12 लोग घायल हुए हैं।

प्रशासनिक कदम और राहत कार्य तनाव को देखते हुए राज्य सरकार ने कोकराझार और चिरांग जिलों में मोबाइल इंटरनेट और डेटा सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी हैं। हमलों के डर से पलायन कर रहे ग्रामीणों के लिए प्रशासन ने करीगांव और ग्वाजनपुरी के हाई स्कूलों में राहत शिविर स्थापित किए हैं। भारतीय सेना ने बुधवार को करीगांव, अवदांग बाजार और माशिंग रोड जैसे इलाकों में फ्लैग मार्च कर शांति व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश की।

राजनीतिक प्रतिक्रिया बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के प्रमुख हग्रामा मोहिलारी ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि यह हिंसा एक गलतफहमी का परिणाम है और आगाह किया कि कुछ तीसरे पक्ष के तत्व स्थिति का अनुचित लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया और सभी समुदायों से शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। फिलहाल पूरे क्षेत्र में भारी सुरक्षा बल तैनात है और स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है।