दिल्ली पुलिस ने गुप्त सूचना पर की ठोस कार्रवाई
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः दिल्ली पुलिस ने 2024 के 13,000 करोड़ रुपये के ड्रग तस्करी मामले में सिक्किम के एक 30 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। यह मामला दुबई स्थित एक कार्टेल द्वारा भारत में कोकीन और थाई मारिजुआना (गांजा) की तस्करी से जुड़ा है। जांचकर्ताओं के अनुसार, यह देश में अब तक पकड़े गए सबसे बड़े नशीले पदार्थों के सिंडिकेट में से एक है।
आरोपी की पहचान तिलक प्रसाद शर्मा के रूप में हुई है, जिसे सिक्किम से गिरफ्तार कर दिल्ली लाया गया है। पुलिस उपायुक्त (स्पेशल सेल) अमित कौशिक ने बताया कि शर्मा इस कार्टेल के लिए कैरियर (माल ढोने वाला) के रूप में काम करता था। वह दुबई में गिरफ्तार किए गए मुख्य आपूर्तिकर्ता ऋतिक बजाज के निर्देशों पर थाईलैंड से थाई मारिजुआना की खेप लाता था।
पूछताछ में पता चला कि शर्मा ने थाईलैंड की कई यात्राएं कीं और कथित तौर पर लगभग 40 किलोग्राम थाई मारिजुआना भारत तस्करी कर लाया। वह इन नशीले पदार्थों को अपने सामान में छिपाकर हवाई अड्डों के रास्ते लाता था ताकि सुरक्षा जांच से बच सके। तिलक की गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में कुल गिरफ्तारियों की संख्या 20 हो गई है।
इस बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ अक्टूबर 2024 में हुआ था। दिल्ली पुलिस ने विभिन्न स्थानों से 1,289 किलोग्राम कोकीन और भारी मात्रा में थाई मारिजुआना बरामद किया था। दक्षिण दिल्ली के महिपालपुर से 562 किलोग्राम कोकीन और गांजा बरामद। पश्चिम दिल्ली के रमेश नगर से 208 किलोग्राम कोकीन जब्त। गुजरात के अंकलेश्वर में एक फार्मास्युटिकल फर्म से 5,000 करोड़ रुपये मूल्य की 518 किलोग्राम कोकीन बरामद।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि ड्रग्स को मेडिकल कंसाइनमेंट (दवाओं की खेप) बताकर भेजने के लिए कई फार्मास्युटिकल कंपनियों और शेल कंपनियों का उपयोग किया गया था। इस गिरोह का मास्टरमाइंड और फाइनेंसर वीरेंद्र बसोइया उर्फ वीरू अभी भी फरार है और दुबई में छिपा हुआ माना जा रहा है। पुलिस ने इस मामले में 10,000 से अधिक पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें कई आरोपियों को भगोड़ा घोषित किया गया है।