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कर्नाटक के डीजी के रामचंद्र राव निलंबित

अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद सरकार ने की कार्रवाई

राष्ट्रीय खबर

हैदराबादः कर्नाटक सरकार ने सोमवार को एक बड़ा कदम उठाते हुए नागरिक अधिकार प्रवर्तन के महानिदेशक के. रामचंद्र राव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर उनके कई आपत्तिजनक वीडियो और ऑडियो क्लिप वायरल होने के बाद की गई है।

वायरल हुए अपुष्ट वीडियो में 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी कथित तौर पर अपने कार्यालय में महिलाओं के साथ आपत्तिजनक स्थिति में दिखाई दे रहे हैं। इसके साथ ही कुछ ऑडियो क्लिप भी सामने आए हैं, जिनमें उन्हें महिलाओं से अश्लील बातें करते सुना जा सकता है।

राज्य सरकार द्वारा जारी निलंबन आदेश में कहा गया है कि राव का व्यवहार एक सरकारी सेवक के लिए अशोभनीय है और इससे सरकार को शर्मिंदगी उठानी पड़ी है। आदेश में स्पष्ट किया गया कि प्रथम दृष्टया राव का आचरण सेवा नियमों का उल्लंघन है, इसलिए जांच लंबित रहने तक उन्हें निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि के दौरान वे सरकार की लिखित अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।

के. रामचंद्र राव ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें झूठा और मनगढ़ंत बताया है। उन्होंने कहा, मैं स्तब्ध हूँ। यह वीडियो पूरी तरह फर्जी है। आज के दौर में कुछ भी हो सकता है। मुझे नहीं पता कि यह किसने और कब किया है। जब उनसे पूछा गया कि क्या ये वीडियो पुराने हैं, तो उन्होंने कहा, पुराने मतलब आठ साल पहले के, जब मैं बेलगावी में तैनात था।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, कानून से ऊपर कोई नहीं है, चाहे वह कितना भी वरिष्ठ अधिकारी क्यों न हो। दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, भाजपा विधायक एस. सुरेश कुमार ने इसे पूरे पुलिस विभाग पर एक कलंक और अक्षम्य अपराध करार दिया है।

यह पहली बार नहीं है जब के. रामचंद्र राव विवादों में घिरे हैं। पिछले साल उन पर अपनी सौतेली बेटी और अभिनेत्री रान्या राव की मदद करने का आरोप लगा था, जिन्हें सोना तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया गया था। आरोप था कि उन्होंने रान्या को सीमा शुल्क और पुलिस जांच से बचाने के लिए अपने आधिकारिक प्रोटोकॉल का दुरुपयोग किया था। उस विवाद के बाद उन्हें अनिवार्य छुट्टी पर भेज दिया गया था, हालांकि बाद में जांच के बाद उन्हें बहाल कर दिया गया था।