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राजस्थान की बैंक शाखा में फर्जी एकाउंट का घोटाला उजागर

सीबीआई ने पूर्व अफसरों पर कसा शिकंजा

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो ने बैंकिंग धोखाधड़ी और साइबर अपराध के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए पंजाब एंड सिंध बैंक के दो पूर्व शाखा प्रमुखों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इन अधिकारियों पर राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में 1,621 करोड़ रुपये के अवैध धन के लेन-देन के लिए फर्जी अकाउंट खोलने और संचालित करने का गंभीर आरोप है।

सीबीआई की जांच के अनुसार, यह घोटाला श्रीगंगानगर की दो प्रमुख शाखाओं—मेन ब्रांच और गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल ब्रांच—में अंजाम दिया गया। जांच में 17 ऐसी फर्में पाई गईं जो केवल कागजों पर मौजूद थीं। इन फर्जी कंपनियों के नाम पर करंट अकाउंट खोले गए थे। खाता खोलने के लिए जाली केवाईसी दस्तावेज, फर्जी रेंट एग्रीमेंट और मनगढ़ंत बिजनेस वेरिफिकेशन रिपोर्ट का उपयोग किया गया।

सीबीआई का आरोप है कि बैंक के तत्कालीन अधिकारियों ने जानबूझकर मानक संचालन प्रक्रियाओं और बैंकिंग नियमों का उल्लंघन किया ताकि इन खातों को सक्रिय रखा जा सके। एजेंसी ने इस मामले में दो पूर्व मुख्य प्रबंधकों को मुख्य आरोपी बनाया है। अमन आनंद, तत्कालीन मुख्य प्रबंधक और मेन ब्रांच, श्रीगंगानगर के प्रमुख। विकास वाधवा, तत्कालीन शाखा प्रमुख, गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल ब्रांच, श्रीगंगानगर।

इन अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने साइबर अपराधियों के साथ मिलकर एक आपराधिक साजिश रची। इन म्यूल अकाउंट्स का उपयोग साइबर ठगी, ऑनलाइन सट्टेबाजी और अन्य अवैध गतिविधियों से अर्जित धन को लेयरिंग के माध्यम से छिपाने और ट्रांसफर करने के लिए किया गया।

सीबीआई ने एफआईआर में स्पष्ट किया है कि इन फर्जी खातों के माध्यम से हजारों करोड़ रुपये का रूटिंग किया गया, जिससे न केवल बैंक की साख को बट्टा लगा है, बल्कि उसे भारी वित्तीय जुर्माने का जोखिम भी झेलना पड़ सकता है। यह कार्रवाई सीबीआई के ऑपरेशन चक्र का हिस्सा मानी जा रही है, जो देश में साइबर-वित्तीय बुनियादी ढांचे के दुरुपयोग को रोकने के लिए चलाया जा रहा है।

1,621 करोड़ रुपये का यह मामला बैंकिंग क्षेत्र में आंतरिक सुरक्षा और केवाईसी मानदंडों की विफलता का एक बड़ा उदाहरण है। सीबीआई अब इस नेटवर्क के अन्य कड़ियों, जैसे कि डेटा प्रदाता और तकनीकी सहायकों की तलाश कर रही है, जिन्होंने इन खातों को संचालित करने में मदद की।