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ममता ने राह दिखायी तो झारखंड में उसी रास्ते पर चला

ईडी को अब गैर भाजपा शासित राज्यों में चुनौती

  • तमिलनाडु ने भी कड़ा तेवर दिखाया था

  • बंगाल पुलिस से बचने शीर्ष अदालत गयी

  • अब झारखंड में भी पुलिस का खौफ सताया

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों पर हुए हमलों और राजनीतिक खींचतान के बाद अब वैसा ही नजारा झारखंड की राजधानी रांची में देखने को मिला है। रांची में ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय को स्थानीय पुलिस ने चारों तरफ से घेर लिया है। यह घटनाक्रम राज्य में जारी भ्रष्टाचार के मामलों की जांच और मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े कथित संबंधों के बीच हुआ है। इसे बंगाल में ममता बनर्जी सरकार द्वारा अपनाए गए कड़े रुख की तर्ज पर झारखंड अध्याय के रूप में देखा जा रहा है।

दरअसल, ईडी की टीम जब कुछ महत्वपूर्ण छापेमारी और पूछताछ के लिए निकली, तो राज्य पुलिस ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए ईडी कार्यालय के बाहर भारी घेराबंदी कर दी। स्थानीय प्रशासन का दावा है कि यह कदम किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए उठाया गया है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषक इसे केंद्रीय एजेंसियों के काम में बाधा डालने और दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देख रहे हैं। सत्ताधारी दल झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने केंद्र सरकार पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है, जबकि भाजपा ने इसे संवैधानिक संस्थाओं का अपमान बताया है।

यह स्थिति सहकारी संघवाद के लिए एक गंभीर चुनौती पेश करती है। जब राज्य पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां एक-दूसरे के आमने-सामने खड़ी होती हैं, तो इससे न केवल जांच प्रभावित होती है बल्कि आम जनता में भी गलत संदेश जाता है। रांची में ईडी कार्यालय के बाहर तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और सुरक्षाकर्मी मुस्तैद हैं। बंगाल की तर्ज पर झारखंड में भी यह पुलिस बनाम ईडी की जंग अब कानूनी लड़ाई में बदलने की संभावना है। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि क्या ईडी अपनी जांच जारी रख पाती है या राज्य सरकार के इस घेराव से जांच की गति धीमी हो जाएगी।