प्रदर्शनकारियों की रक्षा का समर्थन और दमन के खिलाफ है अमेरिका
-
तेहरान सरकार दमन से बाज आये
-
अमेरिकी सेना पूरी तरह तैयार भी है
-
ईरान में आंतरिक स्थिति बिगड़ रही
वाशिंगटन/तेहरान: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की इस्लामी गणराज्य सरकार को बेहद सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि यदि तेहरान प्रशासन ने अपने नागरिकों के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों का दमन करने के लिए हिंसा का सहारा लिया, तो संयुक्त राज्य अमेरिका चुप नहीं बैठेगा।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर शुक्रवार तड़के एक के बाद एक कई पोस्ट किए, जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अमेरिका प्रदर्शनकारियों की रक्षा के लिए निर्णायक कदम उठाने को तैयार है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, अगर ईरान अपने पुराने ढर्रे पर चलते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाता है और उनकी हत्या करता है, तो अमेरिका उनके बचाव में आएगा। हम पूरी तरह तैयार हैं और हमारी सेना लॉक्ड एंड लोडेड स्थिति में है।
ईरान में यह संकट पिछले रविवार को उस समय शुरू हुआ जब लोग आर्थिक बदहाली, आसमान छूती मुद्रास्फीति और गिरते जीवन स्तर के खिलाफ सड़कों पर उतर आए। देखते ही देखते यह प्रदर्शन पूरे देश में फैल गया। ईरानी मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, कई शहरों में प्रदर्शनों के हिंसक होने के बाद अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है और दर्जनों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। ईरान का इतिहास रहा है कि वह असंतोष की आवाजों और बड़े विरोध प्रदर्शनों को अत्यंत बेरहमी से कुचलता रहा है, जिसे देखते हुए ट्रंप का यह बयान वैश्विक स्तर पर काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ट्रंप की यह आक्रामक चेतावनी ऐसे समय में आई है जब लगभग छह महीने पहले ही अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर ईरान के प्रमुख परमाणु ठिकानों पर सीमित बमबारी की थी। इस सैन्य कार्रवाई ने पहले ही मध्य पूर्व में तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। दूसरी ओर, ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी ने ट्रंप के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि ट्रंप का हस्तक्षेप पर्दे के पीछे की साजिशों को उजागर करता है। लारीजानी ने चेतावनी दी कि अमेरिका का किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप न केवल पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर देगा, बल्कि अमेरिकी हितों और उनके सैनिकों की सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा करेगा।
वर्तमान में हो रहे ये प्रदर्शन 2022 के ऐतिहासिक महिला, जीवन, स्वतंत्रता आंदोलन के बाद के सबसे बड़े प्रदर्शन माने जा रहे हैं। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, जिन्होंने लगभग 18 महीने पहले अर्थव्यवस्था में सुधार और आम लोगों के जीवन को आसान बनाने के वादे के साथ सत्ता संभाली थी, उनके लिए यह एक अस्तित्वगत संकट बन गया है।
दक्षिण-पश्चिमी शहर लॉर्डेगन और पश्चिमी प्रांत लोरेस्टान जैसे क्षेत्रों में स्थिति काफी तनावपूर्ण है, जहां सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और कथित तौर पर गोलीबारी भी की। फिलहाल, तेहरान सरकार इन प्रदर्शनों को विदेशी ताकतों की साजिश बता रही है, जबकि वैश्विक समुदाय की नजरें ट्रंप की लॉक्ड एंड लोडेड वाली चेतावनी के व्यावहारिक निहितार्थों पर टिकी हैं।