Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
1984 सिख-विरोधी दंगों के दोषी पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार का 80 साल की उम्र में निधन, तिहाड़ से... राजीव गांधी की जयंती पर PM मोदी ने दी श्रद्धांजलि, सोनिया-राहुल और खरगे ने 'वीर भूमि' पर अर्पित किए ... 'वंदे मातरम्' पर सियासी घमासान: अमित शाह बोले- 2 छंद गाने का कांग्रेस का फैसला देश विरोधी, वेणुगोपाल... तेलंगाना के सिद्दिपेट में भीषण सड़क हादसा: 20 फीट गहरे कुएं में गिरी कार, एक ही परिवार के 4 लोगों की... उत्तराखंड में PMAY-U को मिली नई रफ्तार, दिसंबर तक 15 हजार परिवारों को मिलेगी पक्की छत प्रयागराज में भारी बारिश से हाहाकार: सड़कों पर भरा पानी, जलभराव पर इलाहाबाद हाई कोर्ट सख्त; DM और नग... हमीरपुर में फूड रेड के दौरान हड़कंप: SDM के कहने पर दुकानदार ने अपनी ही दुकान की मिठाई खाने से किया ... गोमतीनगर में दिल दहला देने वाला तिहरा हत्याकांड: पत्नी और बहन की हत्या के बाद मैनेजर ने की खुदकुशी दिल्ली मास्टर प्लान-2047 को केंद्र की मंजूरी: 40 लाख नए फ्लैट्स, नरेला एजुकेशन हब और मेट्रो विस्तार ... संसद में राष्ट्रपति चुनाव को लेकर मतदान, राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा

इंदौर जल प्रदूषण से हुई मौतों पर नेता प्रतिपक्ष नाराज

राहुल गांधी ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना

  • सरकार पानी नहीं जहर बांट रही है

  • मौतों पर जवाबदेही तय करे सरकार

  • मल बैक्टीरिया का प्रदूषण हुआ है

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के व्यावसायिक केंद्र इंदौर में दूषित पेयजल के कारण उपजे गंभीर स्वास्थ्य संकट ने अब एक बड़ा राजनीतिक मोड़ ले लिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा सांसद राहुल गांधी ने इस त्रासदी को लेकर राज्य की भाजपा सरकार और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इंदौर नगर निगम द्वारा घरों में पानी नहीं, बल्कि जहर की आपूर्ति की गई है, जिसके कारण निर्दोष नागरिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी।

इंदौर के भागीरथपुरा और आसपास के इलाकों में फैली इस महामारी में अब तक कम से कम दस लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें एक पांच महीने का मासूम शिशु भी शामिल है। हालांकि, स्थानीय निवासियों और जमीनी रिपोर्टों के अनुसार, मौतों की वास्तविक संख्या 14 तक पहुँच चुकी है। पिछले दस दिनों के भीतर दूषित पानी के सेवन से लगभग 2,800 लोग बीमार हुए हैं। इनमें से 272 लोगों की स्थिति गंभीर होने के कारण उन्हें विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा है। महामारी का मुख्य कारण डायरिया और गैस्ट्रोएंटेराइटिस का अनियंत्रित प्रसार बताया जा रहा है।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए प्रशासन की लापरवाही को उजागर किया। उन्होंने लिखा कि स्थानीय निवासी हफ्तों से गंदे और बदबूदार पानी की शिकायत कर रहे थे, लेकिन नगर निगम और प्रशासन गहरी नींद में सोया रहा। उन्होंने सवाल किया कि आखिर पीने के पानी की मुख्य पाइपलाइनों में सीवेज का गंदा पानी कैसे मिल गया? जब शिकायतें मिल रही थीं, तो समय रहते जलापूर्ति क्यों नहीं रोकी गई?

राहुल गांधी ने इस घटना को जनता के ‘जीवन के अधिकार’ पर सीधा हमला करार देते हुए कहा कि साफ पानी कोई उपकार नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने भाजपा की डबल इंजन सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग की और मध्य प्रदेश में पूर्व में हुई घटनाओं, जैसे कफ सिरप कांड और सरकारी अस्पतालों की बदहाली का हवाला देते हुए प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर चिंता जताई।

1 जनवरी 2026 को जारी एक मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों से लिए गए पानी के नमूनों में से एक-तिहाई में भारी बैक्टीरियल संदूषण पाया गया है। इंदौर नगर निगम ने अब जाकर पुरानी पाइपलाइनों की मरम्मत और सफाई का काम शुरू किया है, जो लंबे समय से लंबित था।

इस मानवीय संकट की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस पूरी घटना पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने विशेष रूप से यह पूछा है कि नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में विफलता के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की गई है। फिलहाल, क्षेत्र में नई जलापूर्ति लाइन बिछाने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया गया है, लेकिन पीड़ित परिवारों के लिए यह राहत बहुत देर से आई है।