Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
चुनावी आहट और ED की दस्तक: बंगाल में छापेमारी ने बढ़ाया सियासी पारा, आमने-सामने आए ममता और मोदी के सि... दिल्ली में 'दमघोंटू' सर्दी: बारिश के बाद पारा गिरा, कोहरे और प्रदूषण के 'जहरीले' मेल ने बढ़ाई मुसीबत भक्ति की 'रफ्तार': 450 किलोमीटर का सफर और स्केटिंग का जुनून, नन्हीं वंशिका ने पेश की राम भक्ति की मि... नोएडा STF का बड़ा धमाका: 100 करोड़ के 'GST सिंडिकेट' का भंडाफोड़, नोएडा से दबोचे गए 4 मास्टरमाइंड दिल्ली-देहरादून हाईवे पर सफर होगा महंगा? पार्किंग के नए रेट जारी, जानें अपनी जेब पर कितना पड़ेगा असर कहीं इंदौर न बन जाए ग्रेटर नोएडा! नलों से जहर की सप्लाई, 65 लोग अस्पताल में भर्ती। ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट, प्रदर्शन तेज पंखों से उड़ान, दुआओं का साथ: जब बेटे ने पहली बार माता-पिता को कराया 'हवाई सफर', सोशल मीडिया पर नम ह... यूक्रेन में विदेशी सेना वैध लक्ष्य होगी: रूस सीरिया की सेना ने अलेप्पो में अपने हमले तेज कर दिये

जेलेंस्की की सेना का रूस के सारातोव पर आक्रमण

प्रमुख वायुसेना बेस पर ड्रोन हमला

कीवः रूस-यूक्रेन संघर्ष एक खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है, जिसमें दोनों पक्ष महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों और नागरिक बुनियादी ढाँचों को निशाना बना रहे हैं। नवीनतम घटनाक्रम में, यूक्रेन ने रूस के सारातोव शहर पर एक बड़ा जवाबी ड्रोन हमला किया है। सारातोव रूस के वोल्गा नदी क्षेत्र में स्थित एक महत्वपूर्ण शहर है और यह अक्सर रूसी वायु सेना के लिए एक प्रमुख बेस के रूप में कार्य करता है।

यूक्रेन के इस हमले में शुरुआती खबरों के अनुसार, दो रूसी नागरिकों की मौत हो गई है। यह हमला यूक्रेन की तरफ से एक स्पष्ट प्रतिशोध लगता है, क्योंकि इससे कुछ ही समय पहले रूसी सेना ने काला सागर के महत्वपूर्ण ओडिसा पोर्ट पर मिसाइल हमला किया था।

ओडिसा पोर्ट काला सागर के रास्ते वैश्विक खाद्य आपूर्ति, विशेषकर अनाज के निर्यात के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र है। इस पोर्ट पर रूसी मिसाइल अटैक ने यूक्रेन की निर्यात क्षमताओं और वैश्विक खाद्य सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा किया है। इन हमलों का समय अत्यंत संवेदनशील है, क्योंकि ये दोनों पक्ष युद्ध के मैदान से दूर, रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण नागरिक और सैन्य ठिकानों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना ​​है कि यूक्रेन का सारातोव पर हमला रूसी सेना की सप्लाई लाइनों और उसके मनोबल को तोड़ने की एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा हो सकता है। सारातोव में सैन्य बेस और औद्योगिक परिसर मौजूद हैं जो रूस के युद्ध प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण हैं। इस तरह के ड्रोन हमलों की आवृत्ति में वृद्धि यह दर्शाती है कि यूक्रेन अब लंबी दूरी के हमलावर ड्रोन विकसित करने और उन्हें प्रभावी ढंग से उपयोग करने की क्षमता हासिल कर चुका है।

यह युद्ध की गतिशीलता को बदल रहा है, क्योंकि अब रूस के भीतरी क्षेत्र भी सुरक्षित नहीं रह गए हैं। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने इन दोनों हमलों की निंदा की है, खासकर नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाने की। संयुक्त राष्ट्र ने दोनों पक्षों से नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करने का आग्रह किया है। यह संघर्ष तत्काल समाधान की कोई उम्मीद नहीं दिखाता है, बल्कि दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ाता जा रहा है।