Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Parliament Face-off: फारूक अब्दुल्ला की सुरक्षा पर मल्लिकार्जुन खरगे और जेपी नड्डा के बीच तीखी बहस, ... Jaipur Double Murder: जयपुर में पति ने पत्नी और बेटी की तलवार से वारकर की हत्या, आरोपी गिरफ्तार; घरे... Greater Noida Accident: ग्रेटर नोएडा में भट्ठा मालिक की कार ने बच्ची को रौंदा, मोबाइल चलाने के चक्कर... फतेहपुर कांड में बड़ा खुलासा: कत्ल नहीं, पूरे परिवार ने की आत्महत्या! सुसाइड नोट में खुला 4 विलेन का... Ghaziabad News: राजनगर एक्सटेंशन के लिए GDA का नया ट्रैफिक मास्टर प्लान तैयार, इन रास्तों पर बनेंगे ... जयशंकर का 'मास्टरस्ट्रोक'! ईरान नहीं रोकेगा भारतीय जहाज; होर्मुज संकट के बीच भारत को मिली बड़ी राहत,... गैस संकट पर पीएम मोदी का कड़ा एक्शन! मंत्रियों को दी चेतावनी— "अफवाह फैलाने वालों को न छोड़ें"; देश मे... नोएडा में भीषण अग्निकांड! बिजली मीटर फैक्ट्री में लगी आग ने लिया विकराल रूप, 26 कर्मचारी झुलसे; चीख-... भारत में LPG का महासंकट! चूल्हे पर लौटने को मजबूर हुए लोग, गैस एजेंसियों के बाहर लगी 2-2 किमी लंबी ल... Baghpat News: हिस्ट्रीशीटर विवेक मलिक मर्डर केस में बड़ा खुलासा, 27 साल पुरानी रंजिश में हुई हत्या; ...

कनाडा के नागरिकता नियमों में बड़ा बदलाव

रिश्ते सुधरे तो भारतीय नागरिकों को लाभ मिलने लगा

ओटावाः कनाडा ने अपने नागरिकता नियमों में एक बड़ा बदलाव किया है, जिसका विशेष रूप से लॉस्ट कनाडियंस  को नागरिकता वापस दिलाने और अप्रवासियों के लिए प्रक्रियाओं को आसान बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। यह नया कानून, जिसे लॉस्ट कनाडियंस लेजिस्लेशन के नाम से जाना जाता है, अब कानूनी रूप ले चुका है और इसका उद्देश्य दशकों पुराने नागरिकता नियमों में मौजूद विसंगतियों को ठीक करना है।

इस बदलाव का मुख्य फोकस उन लोगों को नागरिकता प्रदान करना है जो तकनीकी कारणों से या पुराने कानूनों के कारण अपनी कनाडाई नागरिकता खो चुके थे या उसे कभी हासिल नहीं कर पाए थे। यह नया कानून हजारों परिवारों को सीधे फायदा पहुंचाएगा, और इसमें बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग भी शामिल हैं जो विभिन्न अप्रवासी श्रेणियों के तहत कनाडा में रह रहे हैं।

इस नए कानून के तहत, ऐसे कई प्रावधान हैं जो उन लोगों के लिए नागरिकता के मार्ग को आसान बनाते हैं जिनके माता-पिता या दादा-दादी कभी कनाडाई नागरिक थे, लेकिन मौजूदा नियमों के कारण वे पात्रता से वंचित थे। यह विशेष रूप से उन भारतीय अप्रवासियों के लिए बल्ले-बल्ले करने वाली खबर है जो दशकों से कनाडा में काम कर रहे हैं, लेकिन नागरिकता प्राप्त करने में जटिलताओं का सामना कर रहे थे।

हालांकि, इस बदलाव पर कुछ राजनीतिक प्रतिक्रिया भी आई है। अमेरिकी सीनेटर जेडी वेंस ने कनाडा के आव्रजन (Immigration) पागलपन की आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि कनाडा के आव्रजन नियमों की पागलपन ने देश के जीवन स्तर को कम कर दिया है। यह टिप्पणी कनाडा में बढ़ती आव्रजन संख्या और आवास एवं सामाजिक सेवाओं पर इसके प्रभाव को लेकर चल रही बहस को दर्शाती है।

इन आलोचनाओं के बावजूद, कनाडा सरकार ने इस कदम को एक मानवीय और न्यायसंगत सुधार के रूप में बचाव किया है, जो देश के मूलभूत मूल्यों को दर्शाता है। इस नए कानून के तहत, कनाडाई नागरिकता के लिए आवेदन करने वाले लोगों की संख्या में भारी वृद्धि होने की उम्मीद है। इसके अलावा, एक रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कनाडा के एक पुलिस अधिकारी को डेटाबेस का दुरुपयोग करके कई महिलाओं को निशाना बनाने के लिए डीपोर्टेशन का सामना करना पड़ रहा है, जिससे कनाडा के सामाजिक और कानूनी परिदृश्य की जटिलता सामने आती है।

इस लॉस्ट कनाडियंस कानून को कनाडा के आप्रवासन इतिहास में एक महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है। इसका लक्ष्य एक अधिक समावेशी और निष्पक्ष नागरिकता प्रणाली बनाना है, जो कनाडा को बहुसांस्कृतिक और बहुजातीय देश के रूप में मजबूत करेगा।