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दिल्ली में बड़ा हथियार रैकेट पकड़ा गया

पाकिस्तान के रास्ते से लाये गये थे चीन में निर्मित हथियार

  • यह एक अंतर्राष्ट्रीय रैकेट का मामला

  • कुख्तात गैंगस्टारों को हथियार देता है

  • ड्रोन से हथियार भारत लाये जाते हैं

राष्ट्रीय खबर

दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सक्रिय एक अंतर्राष्ट्रीय अवैध हथियार रैकेट का पर्दाफाश करते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। यह रैकेट कुख्यात गैंगस्टर गिरोहों, जैसे लॉरेंस बिश्नोई, बम्बीहा, और गोगी हिमांशु भाई से जुड़े लोगों को उच्च-स्तरीय विदेशी हथियार सप्लाई कर रहा था। पुलिस के अनुसार, इस रैकेट के तार पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस से जुड़े हुए हैं, जो भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा पैदा करता है।

यह अवैध नेटवर्क विशेष रूप से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) और आसपास के राज्यों के गैंगस्टरों को हथियार पहुंचा रहा था। जांच में पता चला है कि हथियारों की यह खेप ड्रोन के माध्यम से पंजाब से भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करती थी, जो सीमा पार से तस्करी के एक परिष्कृत तरीके को इंगित करता है। बरामद किए गए हथियारों में विशेष रूप से चीन और तुर्की निर्मित पिस्तौलें शामिल हैं, जो अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक गठजोड़ को उजागर करती हैं।

इस मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने रोहिणी क्षेत्र से पंजाब और उत्तर प्रदेश के निवासी चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। क्राइम ब्रांच के सीपी सुरेंद्र कुमार ने इस ऑपरेशन की जानकारी देते हुए बताया कि आईएसआई-समर्थित इस रैकेट में कुल चार लोग पकड़े गए हैं और उनके पास से 10 परिष्कृत पिस्तौलों का एक बड़ा जखीरा बरामद हुआ है। बरामद हथियारों में पाँच तुर्की निर्मित और तीन चीन निर्मित पिस्तौलें शामिल हैं।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है। मंदीप (फिल्लौर, पंजाब), दलविंदर (लुधियाना, पंजाब), रोहन तोमर (बागपत, उत्तर प्रदेश) और अजय उर्फ मोनू। यह महत्वपूर्ण कार्रवाई 10 नवंबर को हुए लाल किला विस्फोट के तुरंत बाद हुई है, जिसे सरकार ने एक आतंकवादी कृत्य करार दिया था। अवैध हथियारों की यह आपूर्ति न केवल संगठित अपराध को बढ़ावा दे रही थी, बल्कि इसकी संभावित कड़ियाँ आतंकवादी गतिविधियों से भी जुड़ सकती हैं, खासकर आईएसआई  के शामिल होने के कारण। दिल्ली पुलिस अब इस रैकेट की पूरी सप्लाई चेन और इसके वित्तीय नेटवर्क की विस्तृत जांच कर रही है ताकि देश में अवैध हथियारों के प्रवाह को पूरी तरह से रोका जा सके।