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कटक ज़िले के आठगढ़ क्षेत्र में 15 फुट लंबा अजगर बचाया गया

कटक के वन विभाग के कर्मचारियों का सफल अभियान

राष्ट्रीय खबर

भुवनेश्वरः ओडिशा के कटक ज़िले के आठगढ़ क्षेत्र में मंगलवार का दिन वन्यजीव प्रेमियों और स्थानीय निवासियों के लिए एक रोमांचक और राहत भरा रहा, जब इस इलाके में 15 फुट लंबे एक विशालकाय अजगर को सफलतापूर्वक बचाया गया। यह विशालकाय सरीसृप उस समय स्थानीय लोगों की नज़रों में आया, जब वह जे के लक्ष्मी सीमेंट फैक्ट्री के मुख्य गेट के पास आराम कर रहा था।

यह घटना आठगढ़ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली खुंटुनी पुलिस स्टेशन की सीमा के पास हुई। रोज़मर्रा की तरह जेके लक्ष्मी सीमेंट फैक्ट्री में अपनी ड्यूटी के लिए पहुँच रहे कर्मचारियों ने सबसे पहले इस विशालकाय अजगर को देखा। सांप की विशालता को देखकर वे आश्चर्यचकित रह गए। रिपोर्टों के अनुसार, अजगर उस समय किसी बड़े जानवर (संभवतः बकरी, हिरण या कोई बड़ा पालतू जानवर) को निगल चुका था और अब उसे धीरे-धीरे पचाने की कोशिश कर रहा था। भारी भोजन के कारण वह अपनी सामान्य फुर्ती खो चुका था और फैक्ट्री के गेट के पास स्थिर पड़ा हुआ था।

कर्मचारियों ने तुरंत स्थिति की गंभीरता को समझा। किसी भी तरह की दुर्घटना या वन्यजीव को नुकसान न पहुँचे, यह सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने तुरंत स्थानीय खुंटुनी वन विभाग को इस विशालकाय साँप के बारे में सूचित किया। उनकी यह त्वरित और ज़िम्मेदार कार्रवाई वन्यजीव संरक्षण के प्रति उनकी जागरूकता को दर्शाती है।

सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी बिना किसी विलंब के विशेषज्ञ टीम के साथ घटनास्थल पर पहुँचे। उन्होंने पाया कि अजगर वास्तव में बहुत बड़ा था, जिसकी लंबाई लगभग पंद्रह फुट आँकी गई। अजगर को सुरक्षित रूप से पकड़ना एक जोखिम भरा और सावधानीपूर्वक किया जाने वाला कार्य था। वन विभाग के अधिकारियों ने, पूरी विशेषज्ञता और सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करते हुए, अजगर को धीरे-धीरे अपने नियंत्रण में लिया। भीड़ को नियंत्रित करना और साँप को शांत रखना इस बचाव अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा था।

वन विभाग के अधिकारी ने बाद में पुष्टि की कि विशाल अजगर को सुरक्षित रूप से बचा लिया गया है। उन्होंने बताया कि अजगर को किसी भी तरह की चोट नहीं आई थी और वह पूरी तरह से स्वस्थ था।

इस सफल बचाव अभियान के बाद, अजगर को वापस उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ने का निर्णय लिया गया। वन विभाग के अधिकारियों ने अजगर को आबादी वाले क्षेत्र से काफी दूर, जंगल में एक सुनसान और सुरक्षित जगह पर ले जाकर छोड़ दिया। यह कदम सुनिश्चित करता है कि अजगर जंगल के पारिस्थितिकी तंत्र में अपना जीवन जारी रख सके और भविष्य में इंसानी आबादी के संपर्क में आने से बचे।

यह घटना न केवल कर्मचारियों की सतर्कता की कहानी है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि ओडिशा का यह क्षेत्र अभी भी एक समृद्ध वन्यजीव आवास को बनाए हुए है, जहाँ इस तरह के विशाल सरीसृप सुरक्षित रूप से विचरण करते हैं। वन विभाग के अधिकारियों के त्वरित और कुशल कार्य ने एक बहुमूल्य वन्यजीव को बचाया, जो वन्यजीव संरक्षण के प्रति सरकारी प्रयासों की सफलता को दर्शाता है।