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पिथौरागढ़ में चलाया गया राहत और बचाव अभियान पूरा

एनएचपीसी के सभी 19 कर्मचारी निकाले गये

राष्ट्रीय खबर

देहरादूनः उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में धौलीगंगा पावर प्रोजेक्ट की सामान्य और आपातकालीन सुरंगों में भूस्खलन के कारण रविवार को राष्ट्रीय जलविद्युत निगम लिमिटेड (एनएचपीसी) के 19 कर्मचारी घंटों तक एक पावर हाउस में फंसे रहे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। हालांकि, प्रशासन ने शाम तक सभी को बचा लिया।

जिला के धारचूला के पास ईलागढ़ क्षेत्र में 280 मेगावाट की बिजली परियोजना की सामान्य और आपातकालीन सुरंगों की ओर जाने वाला रास्ता भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन के कारण अवरुद्ध हो गया था। पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी विनोद गोस्वामी ने बताया कि जिला प्रशासन, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की एक संयुक्त टीम ने बचाव और राहत अभियान शुरू किया। हालांकि, प्रशासन ने शाम तक सभी को बचा लिया।

जिले के धारचूला के पास एलागढ़ क्षेत्र में 280 मेगावाट की बिजली परियोजना की सामान्य और आपातकालीन सुरंगों की ओर जाने वाला रास्ता भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन के कारण अवरुद्ध हो गया। पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी विनोद गोस्वामी ने बताया कि जिला प्रशासन, राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) और सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की एक संयुक्त टीम ने बचाव और राहत अभियान शुरू कर दिया है।

उन्होंने बताया कि अंदर फंसे सभी 19 अधिकारियों और कर्मचारियों को निकाल लिया गया है और वे सुरक्षित हैं। क्षेत्र में भूस्खलन पर लगातार नजर रखी जा रही है और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

इससे पहले, उप जिलाधिकारी जितेंद्र वर्मा ने बताया कि मलबा हटाने के लिए बीआरओ की जेसीबी मशीनें और एक ढुलाई कंपनी तैनात की गई है। उन्होंने बताया कि भूस्खलन के कारण बिजली उत्पादन प्रभावित नहीं हुआ है। इस इलाके में भी इस वर्ष भारी वर्षा की वजह से जगह जगह पर आक्समिक बाढ़ और भूस्खलन की अनेक शिकायतें मिली हैं।