मंत्री ने प्रवासी भारतीयों से भी मदद मांगी
राष्ट्रीय खबर
चंडीगढ़ः पंजाब सरकार ने हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद राज्य के पुनर्निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने रंगला पंजाब विकास कोष की स्थापना की है और पंजाबी उद्योगपतियों व प्रवासी भारतीयों से इस कोष में उदारतापूर्वक योगदान देने की अपील की है। इस पहल का उद्देश्य बाढ़ से हुए भारी नुकसान की भरपाई करना और पंजाब को फिर से उसके पुराने गौरवशाली रूप में लाना है।
उद्योग एवं प्रवासी भारतीय मामलों के मंत्री, संजीव अरोड़ा, इस अभियान में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने मंगलवार को लुधियाना के 13 प्रमुख उद्योगपतियों को एकजुट किया, जिन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान को करोड़ों रुपये की राशि दान की है। यह दान राज्य के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता और एकजुटता को दर्शाता है।
इन उद्योगपतियों ने 5 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक का योगदान दिया है, जो दर्शाता है कि पंजाब को फिर से खड़ा करने में समाज का हर वर्ग अपनी भूमिका निभाने को तैयार है। स्वयं मंत्री संजीव अरोड़ा ने भी इस कोष में 50 लाख रुपये का व्यक्तिगत दान देकर एक मिसाल कायम की है।
मंत्री अरोड़ा ने दानदाताओं को प्रोत्साहित करते हुए बताया कि इस कोष में दिया गया दान कई मायनों में फायदेमंद है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह दान विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम के दायरे से बाहर है, जिससे विदेशी दानदाताओं के लिए प्रक्रिया सरल हो जाती है। इसके अलावा, कंपनियों के लिए यह दान उनके कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व खर्च में भी शामिल है, जो उनके लिए एक अतिरिक्त प्रोत्साहन है। इस कानूनी सरलता से यह सुनिश्चित होता है कि दान की प्रक्रिया में कोई बाधा न आए और अधिक से अधिक लोग इसमें भाग ले सकें।
मंत्री ने बाढ़ के बाद की स्थिति का वर्णन करते हुए बताया कि राज्य में हजारों किलोमीटर की सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इसके साथ ही, कई स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य सरकारी इमारतों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। इन सभी बुनियादी ढांचों के पुनर्निर्माण के लिए बड़ी मात्रा में धन की आवश्यकता है। सरकार अकेले इस कार्य को पूरा नहीं कर सकती, इसीलिए यह सामूहिक प्रयास बेहद आवश्यक है। रंगला पंजाब विकास कोष में एकत्रित धन का उपयोग इन्हीं क्षतिग्रस्त ढांचों को फिर से बनाने, बाढ़ पीड़ितों को राहत पहुंचाने और राज्य के सामान्य जीवन को पटरी पर लाने में किया जाएगा।
पंजाब सरकार की यह अपील केवल धन जुटाने का एक माध्यम नहीं है, बल्कि यह पंजाबी भावना की मजबूती और एकता को भी दर्शाती है। यह उन सभी लोगों को एक मंच प्रदान करती है जो अपने गृह राज्य को फिर से विकसित होते देखना चाहते हैं। इस पहल की सफलता से यह साबित होगा कि जब लोग एक साथ आते हैं, तो वे किसी भी आपदा का सामना कर सकते हैं और एक उज्जवल भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।