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मुख्यमंत्री भगवंत मान अस्पताल में भर्ती

पंजाब में बाढ़ का कहर और बचाव अभियान के बीच नई जानकारी

राष्ट्रीय खबर

चंडीगढ़ः पंजाब इस समय प्रकृति के सबसे क्रूर प्रहारों में से एक का सामना कर रहा है। पिछले कई दशकों में ऐसी विनाशकारी बाढ़ पहले कभी नहीं देखी गई, जिसने पूरे राज्य के जनजीवन को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया है। भारी वर्षा ने हालात को और भी गंभीर बना दिया है, जबकि पड़ोसी राज्यों हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से लगातार आ रहे पानी ने सतलुज, ब्यास और रावी जैसी प्रमुख नदियों को खतरे के निशान से ऊपर पहुँचा दिया है।

इन नदियों का उफनता जल सैलाब बन कर खेतों, गाँवों और शहरों में घुस गया है, जिससे चारों ओर सिर्फ़ पानी ही पानी नज़र आ रहा है। इस प्राकृतिक आपदा ने अब तक 43 लोगों की जान ले ली है, और 3.55 लाख से अधिक लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं, जिनमें से कई बेघर हो चुके हैं और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं।

राज्य की अर्थव्यवस्था पर भी इसका गहरा असर पड़ा है, क्योंकि अनुमान के अनुसार 1.75 लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि पर खड़ी फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी हैं। किसानों के लिए यह एक बड़ा झटका है, जिनकी जीविका का एकमात्र सहारा उनकी फसलें थीं।

इन विषम और दुखद परिस्थितियों के बीच, राज्य को एक और बड़ा आघात लगा है। जनता के सबसे बड़े संरक्षक, मुख्यमंत्री भगवंत मान की तबीयत अचानक बिगड़ गई है। मिली जानकारी के अनुसार, उन्हें वायरल बुखार और पाचन तंत्र से जुड़ी गंभीर समस्याएँ हैं। शुरुआती तौर पर उन्होंने घर पर ही दवाइयाँ लीं, लेकिन उनका स्वास्थ्य सुधरने के बजाय बिगड़ता ही गया।

उनका रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) लगातार घट-बढ़ रहा था, जिससे उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंताएँ और बढ़ गईं। चिकित्सकों की गहन निगरानी के बाद उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी गई, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। मुख्यमंत्री के बीमार होने के कारण, राज्य मंत्रिमंडल की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक को स्थगित करना पड़ा। इस बैठक की अध्यक्षता स्वयं मुख्यमंत्री को करनी थी और इसमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की रणनीति पर विस्तार से चर्चा होने वाली थी।

मुख्यमंत्री की बीमारी की खबर मिलते ही आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब का दौरा किया। वे तुरंत भगवंत मान के सरकारी आवास पर पहुँचे और उनका हालचाल जाना। केजरीवाल का मूल कार्यक्रम मुख्यमंत्री के साथ ही बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करना था ताकि स्थिति का सही आकलन किया जा सके।

हालाँकि, मान की बीमारी के कारण, केजरीवाल ने अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ मिलकर अकेले ही कपूरथला जिले के सुल्तानपुर लोधी जैसे सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। इस आपदा के समय में मुख्यमंत्री का बीमार होना राज्य के लिए एक और बड़ी चुनौती बन गया है। अब उम्मीद की जा रही है कि वे जल्द से जल्द स्वस्थ होकर राहत कार्यों की कमान संभालेंगे।