Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
नागपंचमी पर आस्था का महासैलाब: नागलवाड़ी भिलट देव में 4 लाख भक्तों ने टेका मत्था; महाकाल पहुंचे क्रि... निकाय चुनाव के लिए कांग्रेस ने कसी कमर: भोपाल से शुरू हुआ 'बेहतर सिटी अभियान', वार्ड-वार्ड जाकर उठाए... सड़क हादसे के बाद AIIMS भोपाल में युवक हुआ ब्रेन-डेड, परिजनों ने लिया अंगदान का फैसला छिंदवाड़ा में खाद वितरण पर लगी अंतरिम रोक: धांधली के आरोपों के बीच किसानों का चक्काजाम, स्टॉक सत्याप... छिंदवाड़ा: सावन-भादों में पलाश के पत्तों से जीवंत हो रही सदियों पुरानी परंपरा, आजीविका और आस्था का अ... श्योपुर के रघुनाथपुर में स्कूल की छत भरभराकर गिरी, शाम का समय होने से टला बड़ा हादसा ग्वालियर SP ऑफिस में कांग्रेस जिला महामंत्री राजेश किरार ने खाया जहर, अस्पताल में मौत; सुसाइड नोट मे... हथियार ढूंढने गई थी पुलिस, अलमारी से निकला 3 करोड़ रुपयों का अंबार; नोट गिनने के लिए मंगवानी पड़ी मश... उज्जैन नागचंद्रेश्वर मंदिर में करंट की अफवाह से मची भगदड़: बैरिकेडिंग टूटने से कई श्रद्धालु घायल, चर... एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा केस में CBI की 636 पेज की चार्जशीट, पति समर्थ और सास पर दहेज हत्या का केस

पाकिस्तानी मूल की शबाना महमूद ब्रिटेन की नई गृह मंत्री

भारत विरोधी रुख की वजह से पहले से चर्चित रही हैं

लंदनः पिछले सप्ताह ब्रिटेन की गृह मंत्री का पदभार संभालने के बाद से ही पाकिस्तानी मूल की लेबर पार्टी की नेता शबाना महमूद लगातार सुर्खियों में हैं। प्रधानमंत्री कीर स्टारमर की सरकार में यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने के तुरंत बाद, उन्होंने ब्रिटेन की वीजा नीति को और सख्त करने का संकेत दिया है, जिसे कई विश्लेषकों ने भारत के लिए एक परोक्ष चेतावनी माना है।

सोमवार को लंदन में फाइव आइज़ नामक खुफिया सूचना साझा करने वाले समूह की एक बैठक में, जिसमें अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और कनाडा के गृह सुरक्षा प्रमुख शामिल थे, शबाना ने एक कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, जो देश प्रवासियों को वापस भेजने के लिए समझौते करने को तैयार नहीं हैं, उन्हें ब्रिटेन में अपने नागरिकों को वीजा जारी करने पर रोक का सामना करना पड़ सकता है।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौते को लेकर बातचीत जारी है, जिसमें वीजा और आप्रवासन एक प्रमुख मुद्दा रहे हैं। शबाना के इस बयान को सीधे तौर पर भारत पर दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। ब्रिटिश राजनीति में शबाना महमूद को अक्सर कट्टर भारत विरोधी माना जाता है। उन पर जम्मू-कश्मीर पर भारत के रुख और सिख अलगाववादी गतिविधियों को लेकर भारत विरोधी बयान देने के आरोप लगते रहे हैं। उनका यह नया बयान उनके पुराने रुख को और भी मजबूत करता प्रतीत होता है।

प्रधानमंत्री कीर स्टारमर की सरकार में गृह मंत्री के रूप में, शबाना महमूद के पास आप्रवासन, पुलिस और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभाग हैं। इन विभागों के मुखिया के रूप में उनके फैसलों का सीधा प्रभाव भारत-ब्रिटेन संबंधों पर पड़ सकता है।

शबाना महमूद का जन्म 1980 में बर्मिंघम में एक पाकिस्तानी मूल के परिवार में हुआ था। उनका बचपन सऊदी अरब और ब्रिटेन दोनों जगहों पर बीता। उन्होंने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के लिंकन कॉलेज से कानून की पढ़ाई की और बाद में एक बैरिस्टर के रूप में अपना करियर शुरू किया।

उनकी राजनीतिक यात्रा 2010 में शुरू हुई जब वह पहली बार बर्मिंघम लेडीवुड निर्वाचन क्षेत्र से ब्रिटिश संसद के निचले सदन, हाउस ऑफ कॉमन्स, के लिए चुनी गईं। तब से वह लगातार इस सीट से जीतती रही हैं। अब गृह मंत्री के रूप में, उनके सामने आप्रवासन और राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियों से निपटने की जिम्मेदारी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि उनके सख्त रुख का भारत के साथ ब्रिटेन के द्विपक्षीय संबंधों पर क्या असर पड़ता है।