Jharkhand News: राशन कार्ड होने के बाद भी पहाड़िया जनजाति को नहीं मिल रहा अनाज, भुखमरी की कगार पर ग्रामीण
देवघर: पूरे देश में झारखंड खनिज संपदा के मामले में सबसे धनी है. इसके बावजूद यहां पर गरीबी चरम पर है. गरीबी को दूर करने के लिए राज्य सरकार और केंद्र सरकार की तरफ से लोगों को कई तरह से मदद दिए जाते हैं. लेकिन सरकार की तरफ से जनवितरण प्रणाली के तहत लाभ दिए जाने वाले योजना की स्थिति काफी खराब है.
अनाज नहीं मिलने से लोग परेशान
सारठ प्रखंड के गांवों में रहने वाले पहाड़िया जनजाति को सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाला अनाज समय पर नहीं मिल पा रहा है. पहाड़िया जनजाति को हर माह 35 किलो चावल दिया जाता है और चना दाल भी उपलब्ध कराया जाने का प्रावधान है. लेकिन देवघर के सारठ प्रखंड में पहाड़िया जनजाति के लोगों को अब तक अप्रैल माह का न तो चावल मिला है और न ही चना दाल. ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले पहाड़िया जनजाति के लोगों को समय पर अनाज नहीं मिलने से स्थिति काफी खराब हो गई है. लोग भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं.
क्या कहती हैं ग्रामीण महिला
सारठ प्रखंड के रखजोड़ गांव की रहने वाली काली देवी बताती हैं कि अप्रैल महीना बीतने वाला है और अभी तक हर महीने मिलने वाला 35 किलो चावल और दाल नहीं मिला है. वहीं, रखजोड़ गांव की रहने वाली समरी देवी बताती हैं कि कई बार प्रखंड खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी को शिकायत भी की गई है, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं.
खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी ने दिया भरोसा
पहाड़िया समाज से ताल्लुक रखने वाले लोगों की समस्या को लेकर जब जिले की खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी प्रीति लता किस्कू से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अप्रैल माह का मिलने वाला अनाज कुछ लोगों तक नहीं पहुंच पाया है. जहां भी देरी हुई है, वहां पर जल्द से जल्द जरूरतमंद लोगों तक अनाज पहुंचाने के लिए प्रखंड खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है.