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अमेरिकी अदालत ने फिर से राष्ट्रपति को दिया नया झटका

ट्रंप के टैरिफ के कुछ फैसलों को गलत करार दिया

वाशिंगटनः अमेरिकी टैरिफ पर डोनाल्ड ट्रंप को कानूनी झटका लगा है, जिसमें कोर्ट ने उनके कुछ फैसलों को गैरकानूनी बताया है। यूएस कोर्ट ऑफ अपील्स फॉर द फेडरल सर्किट ने कहा है कि राष्ट्रपति ने अपनी आपातकालीन शक्तियों का गलत इस्तेमाल किया है और उन्हें असीमित टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं है।

अदालत ने अपने 7-4 के फैसले में कहा कि राष्ट्रपति के पास हर देश पर अपनी मर्ज़ी से टैरिफ लगाने की कोई कानूनी शक्ति नहीं है। हालांकि, कोर्ट ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था को नुकसान से बचाने के लिए इन टैरिफ को तुरंत रद्द नहीं किया है। ट्रंप प्रशासन को इस फैसले को चुनौती देने के लिए अक्टूबर तक का समय दिया गया है। इस फैसले पर नाराज़गी जताते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर इसे लागू किया गया तो यह अमेरिका को सचमुच बर्बाद कर देगा।

ट्रंप प्रशासन ने अपने टैरिफ को सही ठहराने के लिए अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक आपातकाल कानून का सहारा लिया था। यह कानून राष्ट्रपति को राष्ट्रीय आपातकाल की स्थिति में कुछ आर्थिक प्रतिबंध लगाने की शक्ति देता है। हालाँकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस कानून का इस्तेमाल दुनिया के हर देश पर मनमाने ढंग से टैरिफ लगाने के लिए नहीं किया जा सकता है।

इस फैसले के बाद, ट्रंप प्रशासन ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने कहा कि ट्रंप ने कानून के अनुसार ही काम किया है और उन्हें जीत का भरोसा है। कानूनी जानकारों का मानना है कि यह फैसला अमेरिकी व्यापार के हित में है और यह राष्ट्रपति की मनमानी पर एक रोक लगा सकता है। यदि सुप्रीम कोर्ट भी इस फैसले को बरकरार रखता है, तो यह ट्रंप प्रशासन के लिए एक बड़ी चेतावनी होगी कि राष्ट्रपति अपनी मर्जी से कुछ भी नहीं कर सकते हैं।