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शिव कुमार समर्थक विधायक के बयान से खलबली मची

कर्नाटक में तेजी से बदलते राजनीतिक समीकरण

  • नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा जोरों पर

  • सितंबर के बाद परिवर्तन हो सकता है

  • सुरजेवाला ने इन्हें सिर्फ अटकलबाजी बताया

बेंगलुरुः कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर राजनीतिक अटकलें आज उस समय तेज हो गईं जब उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के वफादार माने जाने वाले कांग्रेस विधायक एच ए इकबाल हुसैन ने खुलासा किया कि कांग्रेस आलाकमान राज्य के हालात से पूरी तरह वाकिफ है और सही समय पर उचित निर्णय लिया जाएगा।

श्री हुसैन ने रामनगर में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा 2023 में कांग्रेस की जीत के लिए जिन लोगों ने कड़ी मेहनत की ,वे सभी यह जानते हैं और नेतृत्व भी इसे समझता है। उनकी टिप्पणियों को व्यापक रूप से नेतृत्व परिवर्तन के रूप में परिभाषित किया जा रहा है जिसके तहत आने वाले महीनों में श्री शिवकुमार मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की जगह ले सकते हैं।

श्री हुसैन का यह बयान कर्नाटक के सहकारिता मंत्री के एन राजन्ना द्वारा हाल ही में दिए गए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत के बाद आया है जिन्होंने कहा था कि सितंबर के बाद राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर  क्रांतिकारी राजनीतिक घटनाक्रम सामने आ सकते हैं। उन्होंने कर्नाटक में कैबिनेट और कांग्रेस पार्टी के आंतरिक ढांचे दोनों में संभावित बदलाव का संकेत दिया था।

श्री हुसैन ने  सत्ता-साझाकरण व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा  2023 के चुनावों के बाद जब निर्णय लिया गया तब हम सभी दिल्ली में थे । श्रीमती सोनिया गांधी, श्री राहुल गांधी और श्री मल्लिकार्जुन खरगे ने यह फैसला लिया। वे अगला निर्णय भी लेंगे। हमें इंतजार करना चाहिए और देखना चाहिए।

श्री सिद्धारमैया और श्री शिवकुमार के बीच बारी बारी से मुख्यमंत्री पद ग्रहण किये जाने के मसले पर लंबे समय से चल रही चर्चा से इन अटकलों को और बल मिला है। मई 2023 में कांग्रेस की जीत के बाद पार्टी नेतृत्व ने कथित तौर पर दो वरिष्ठ नेताओं के बीच तीव्र प्रतिस्पर्धा को निपटाने के लिए एक सत्ता-साझाकरण पर बातचीत की थी।

हालाँकि इस व्यवस्था की कभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई श्री राजन्ना ने यह भी सुझाव दिया कि कैबिनेट में फेरबदल की संभावना है जिसमें कई विधायक मंत्री पद की आकांक्षा रखते हैं। उन्होंने कहा  हर किसी का अपना एजेंडा होता है और सितंबर के बाद ये एजेंडे आकार लेंगे। हर किसी को अपने विचार रखने का अधिकार है लेकिन आलाकमान सबसे बेहतर जानता है।

उसने एक बार नेतृत्व का फैसला किया है और यह फिर से फैसला करेगा। गौरतलब है कि कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष के तौर पर श्री शिवकुमार ने मुख्यमंत्री बनने की अपनी महत्वाकांक्षा को कोई रहस्य नहीं बनाया है। उनका खेमा आने वाले महीनों को एक स्थगित राजनीतिक प्रतिबद्धता को पूरा करने के एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देख रहा है। अभी तक हालांकि कर्नाटक में किसी भी नेतृत्व परिवर्तन या कैबिनेट पुनर्गठन के बारे में शीर्ष स्तर की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

कर्नाटक में संभावित नेतृत्व परिवर्तन को लेकर मीडिया और राजनीति के गलियारों में जारी अटकलों के बीच अखिल भारतीय कांग्रेस महासचिव एवं पार्टी के प्रदेश मामलों के प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सोमवार को ऐसी खबरों को निराधार बताते हुए कहा कि राज्य में नेतृत्व परिवर्तन महज कल्पना की उपज है। कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस समिति के मुख्यालय में संवाददाताओं से बातचीत में श्री सुरजेवाला ने कहा कि मीडिया में नेतृत्व परिवर्तन के बारे में जो भी खबरें प्रसारित की जा रही हैं, वे केवल कल्पना की उपज हैं।