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विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी को सक्रिय बना रही कांग्रेस

कार्यसमिति में केंद्र पर सीधा निशाना साधा

  • राष्ट्राध्यक्षों के गले लगने से फायदा नहीं

  • विदेश नीति पूरी तरह विफल साबित हुई

  • वोट चोरी के मुद्दे पर कायम है पूरी पार्टी

राष्ट्रीय खबर

पटनाः बिहार विधानसभा चुनाव के ठीक पहले तमाम बड़े नेताओं की मौजूदगी से कांग्रेस राज्य में अपने संगठन को चुनावी रण के लिए तैयार कर रही है। इसी वजह से यहां कांग्रेस कार्यसमिति कि बैठक आयोजित की गयी है। इस कार्यसमिति की बैठक में दो टूक शब्दों में नरेंद्र मोदी की कूटनीति की आलोचना की गयी और उनके रवैये की वजह से भारतीय विदेश नीति के फेल होने का आरोप लगाया गया।

कांग्रेस कार्यसमिति ने बुधवार को केंद्र की विदेश नीति पर कड़ा प्रहार किया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गले लगने की तकनीक विफल हो गई है। समिति ने आरोप लगाया कि इस नीति के कारण भारत राजनयिक रूप से अलग-थलग पड़ गया है और वह अपने राष्ट्रीय हितों को सुरक्षित करने में असमर्थ है।  कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने बिहार के पटना में पार्टी की आजादी के बाद पहली कार्यसमिति की बैठक की, जहाँ कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए।

इस बैठक में कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर भाजपा पर दबाव बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भाजपा पर तीखा हमला बोला, उन्होंने उन पर वोट चोरी और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव मोदी सरकार के भ्रष्ट शासन के अंत की शुरुआत का संकेत देंगे।

खरगे ने यह भी दावा किया कि एनडीए के भीतर आंतरिक कलह अब खुलकर सामने आ गई है। खरगे ने सीधे तौर पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया, भाजपा ने नीतीश कुमार को मानसिक रूप से रिटायर कर दिया है। भाजपा अब उन्हें एक बोझ मानती है।

इस बैठक में पारित किए गए प्रस्तावों में मुख्य रूप से दो बिंदुओं पर जोर दिया गया। प्रस्तावों में कहा गया कि मतदाता सूची में बदलाव की साजिश लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा है। इस प्रक्रिया को हाशिए पर पड़े समुदायों को उनके मतदान के अधिकार से वंचित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

प्रस्तावों के अनुसार, भाजपा के शासन में सामाजिक न्याय को रौंदा जा रहा है और व्यापक निजीकरण के माध्यम से आरक्षण को नियमित रूप से खत्म किया जा रहा है।  ये प्रस्ताव दर्शाते हैं कि कांग्रेस आगामी चुनावों में चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और सामाजिक न्याय के मुद्दों को मुख्य केंद्र में रखना चाहती है।

भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने खरगे की टिप्पणियों को बहुत अनुचित करार दिया। उन्होंने कहा, कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष द्वारा मुख्यमंत्री की मानसिक स्थिति पर सवाल उठाना बहुत अनुचित है।

वरिष्ठ भाजपा नेता ने टिप्पणी के लिए पूछे जाने पर कहा, इससे परे मैं अपनी सभ्य टिप्पणियों को बनाए रखूंगा, सिवाय यह कहने के कि, कांग्रेस अध्यक्ष महोदय, क्या आप कृपया कुछ आत्मनिरीक्षण करेंगे कि पार्टी में आपका क्या दर्जा है, जहाँ सत्ता की बागडोर किसी और के हाथ में है।