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केंद्रीय कैबिनेट ने बिहार के लिए भी खजाना खोला

ग्यारह लाख रेलवे कर्मचारियों को 1865.68 करोड़ का बोनस मिलेगा

  • बिहार में रेल लाइन विस्तार का काम होगा

  • राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए भी फंड आवंटित

  • जहाजरानी के लिए बड़ा रिफॉर्म पैकेज स्वीकृत

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः केंद्रीय कैबिनेट की बुधवार को हुई बैठक में कई ऐतिहासिक और बड़े फैसले लिए गए, जिनका सीधा असर देश के लाखों कर्मचारियों और अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर पड़ेगा। इन घोषणाओं में रेलवे कर्मचारियों के लिए दिवाली बोनस और शिपबिल्डिंग क्षेत्र के लिए एक विशाल रिफॉर्म पैकेज मुख्य रूप से शामिल हैं, जिसकी जानकारी केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने विस्तार से दी।

कैबिनेट बैठक में बिहार राज्य की कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए भी दो बड़ी परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई। कैबिनेट ने बिहार के बख्तियारपुर-राजगीर-तिलैया के बीच मौजूदा सिंगल रेलवे लाइन को डबल करने की मंजूरी दी है। लगभग 104 किलोमीटर लंबी इस महत्वपूर्ण रेलवे लाइन को डबल करने के काम में 2,192 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

यह परियोजना बिहार के चार जिलों को कवर करेगी और मौजूदा रेलवे नेटवर्क में लगभग 104 किलोमीटर का इजाफा करेगी। यह खंड राजगीर (शांति स्तूप), नालंदा और पावापुरी जैसे प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों को भी बेहतर रेल संपर्क प्रदान करेगा, जिससे देश भर के तीर्थयात्री और पर्यटक आकर्षित होंगे। इस मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना से लगभग 1,434 गांवों और करीब 13.46 लाख आबादी को लाभ होगा, साथ ही यह दो आकांक्षी जिलों (गया और नवादा) तक कनेक्टिविटी बढ़ाएगी ।

इसके अलावा, कैबिनेट ने बिहार में राष्ट्रीय राजमार्ग एन एच 139 डब्ल्यू के साहेबगंज-अरेराज-बेतिया खंड पर 4-लेन निर्माण को भी मंजूरी दी है। यह निर्माण हाइब्रिड एन्युइटी मोड पर किया जाएगा और इसकी कुल लंबाई 78.942 किलोमीटर होगी। इस परियोजना की अनुमानित लागत 3,822.31 करोड़ रुपये है।

इस प्रस्तावित ग्रीनफील्ड परियोजना का मुख्य उद्देश्य राज्य की राजधानी पटना और बेतिया के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है। यह नया 4-लेन कॉरिडोर उत्तरी बिहार के कई महत्वपूर्ण जिलों—जैसे वैशाली, सारण, सीवान, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण—को न केवल बेहतर सड़क मार्ग से जोड़ेगा, बल्कि भारत-नेपाल सीमा से लगे क्षेत्रों तक भी पहुँच को सुगम बनाएगा।

केंद्रीय कैबिनेट ने देश भर के लगभग 10.90 लाख रेलवे कर्मचारियों के लिए दिवाली से पहले एक बड़ा तोहफा देने की घोषणा की है। इन कर्मचारियों को प्रोडक्टिविटी से जुड़े नॉन-प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस के रूप में 78 दिनों का वेतन देने की मंजूरी दी गई है। इस बोनस के लिए कुल 1865.68 करोड़  रुपये की धनराशि आवंटित की गई है, जिसे सीधे कर्मचारियों के बैंक खातों में दिवाली के त्योहार से पहले भेज दिया जाएगा ।

यह फैसला रेलवे कर्मचारियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारतीय रेलवे कर्मचारी महासंघ लंबे समय से बोनस में वृद्धि और इसकी त्वरित मंजूरी की मांग कर रहा था। वर्तमान में, यह उत्पादकता से जुड़ा बोनस 7,000 रुपये प्रति माह के आधार पर दिया जाता है, लेकिन महासंघ की मांग थी कि इसे बढ़ाकर 18,000 रुपये प्रति माह के आधार पर किया जाए। कैबिनेट का यह निर्णय त्यौहारों से ठीक पहले कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने और उनके आर्थिक तनाव को कम करने में सहायक होगा ।

कैबिनेट ने देश के जहाज निर्माण और समुद्री क्षेत्र को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से एक महत्वाकांक्षी रिफॉर्म पैकेज को भी मंजूरी दी है, जिसका कुल मूल्य लगभग 69,725 करोड़ रुपये है। मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह व्यापक पैकेज 4-स्तंभ नजरिए पर आधारित है, जिसका मुख्य ध्यान जहाज निर्माण को बढ़ावा देने, समुद्री क्षेत्र के लिए फंडिंग को सुव्यवस्थित करने और देश के भीतर जहाज निर्माण की घरेलू क्षमता को मजबूत करने पर केंद्रित है।

इस कदम से भारत वैश्विक जहाज निर्माण मानचित्र पर अपनी उपस्थिति मजबूत कर सकेगा और अर्थव्यवस्था के लिए नए द्वार खुलेंगे। ये सभी फैसले दर्शाते हैं कि सरकार कर्मचारियों के कल्याण के साथ-साथ देश की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और आर्थिक सुधारों को प्राथमिकता दे रही है।