Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
अमेजन पर CCPA का बड़ा हंटर: 'राम मंदिर अयोध्या प्रसाद' के नाम पर बेची जा रही थी सामान्य मिठाई, ₹1 ला... रोजमर्रा के काम से लेकर वैश्विक खतरे तक: एंथ्रोपिक की रिपोर्ट ने AI सुरक्षा पर खड़े किए सवाल भाद्रपद पूर्णिमा से आश्विन अमावस्या तक पितृपक्ष, पूर्वजों के प्रति श्रद्धा का पावन पर्व क्या हर सिरदर्द ब्रेन ट्यूमर का संकेत है? जानें न्यूरोलॉजिस्ट की राय और वे 8 लक्षण जिन पर तुरंत ध्या... अखिलेश यादव के 'चवन्नी' वाले बयान पर गरमाई यूपी की सियासत, RLD ने दी मर्यादित रहने की नसीहत पटना में RJD कार्यकर्ताओं का नकली AK-47 के साथ प्रदर्शन: मीसा भारती और मनोज झा ने नीतीश सरकार को घेर... पंजाब में खेलों का महाकुंभ: 38 खेल, 23 जिलों में मशाल जुलूस और पहली बार टेनिस बॉल क्रिकेट शामिल; रजि... राजमुंदरी सामूहिक आत्महत्या मामला: सुसाइड नोट में ब्लैकमेलिंग और धर्म परिवर्तन के दबाव का आरोप, मां-... राजमुंदरी सामूहिक आत्महत्या मामला: सुसाइड नोट में ब्लैकमेलिंग और धर्म परिवर्तन के दबाव का आरोप, मां-... महाराष्ट्र कार्य संचालन नियम 2026 संशोधित: CM किसी भी विभाग से मंगा सकेंगे फाइलें, मुख्य सचिव को भी ...

असम राइफल्स ने 36 करोड़ रुपये की खेती नष्ट की

त्रिपुरा के दूरस्थ इलाके में धड़ल्ले सेचल रही थी गांजे की खेती

  • गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की

  • सुरक्षा बलों ने इलाके के घेरा था

  • तस्करी के दूसरे सामान भी जब्त

उत्तर पूर्व संवाददाता

गुवाहाटीः पूर्वोत्तर भारत में अवैध नशीले पदार्थों, तस्करी और नकली सामानों के बढ़ते जाल को खत्म करने के लिए सुरक्षा बलों ने अपने ऑपरेशंस में अभूतपूर्व तेजी ला दी है। इसी कड़ी में एक बड़े और समन्वित प्रहार के तहत सुरक्षा बलों ने करोड़ों रुपये की गांजे की खेती को पूरी तरह नष्ट कर दिया और बड़े पैमाने पर तस्करी का सामान जब्त करने में सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई न केवल नशीली दवाओं की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने के लिए की गई, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क को एक कड़ा संदेश देने के उद्देश्य से भी की गई है।

त्रिपुरा में असम राइफल्स ने राज्य की राजधानी अगरतला से लगभग 66 किलोमीटर दूर दक्षिण में स्थित धनपुर, इंदुरिया, कच्छाखला और धनमुरा जैसे इलाकों में अवैध गांजा बागानों के खिलाफ एक व्यापक और सघन अभियान चलाया। यह मिशन विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर शुरू किया गया था।

इस ऑपरेशन की सफलता का मुख्य कारण विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच का समन्वय रहा, जिसमें सीमा सुरक्षा बल, त्रिपुरा पुलिस, त्रिपुरा स्टेट राइफल्स और वन विभाग के अधिकारियों ने एक साथ मिलकर मोर्चा संभाला। अधिकारियों द्वारा दी गई विस्तृत जानकारी के अनुसार, करीब 200 एकड़ की विशाल भूमि पर गांजे की अवैध खेती की जा रही थी। सुरक्षाकर्मियों ने लगभग छह लाख गांजे के पौधों को जड़ से उखाड़कर नष्ट कर दिया। नष्ट की गई इस फसल का अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य लगभग 36 करोड़ रुपये आंका गया है, जो इस क्षेत्र में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक है।

त्रिपुरा के अलावा असम और मिजोरम में भी तस्करी के खिलाफ कड़े कदम उठाए गए हैं। असम राइफल्स ने सीमा शुल्क विभाग के साथ एक संयुक्त कार्रवाई करते हुए सिलचर के एक गोदाम पर छापा मारा, जहाँ से 34 लाख रुपये मूल्य की नकली सिगरेट बरामद की गईं। जांच में पता चला कि यह खेप अवैध तरीके से राज्य के विभिन्न हिस्सों में वितरित की जानी थी।

वहीं, मिजोरम में भारत-म्यांमार सीमा के पास एक और बड़ी सफलता हाथ लगी। सैतुअल जिले के कैफेंग इलाके में चलाए गए एक तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने 11.062 किलोग्राम मेथमफेटामाइन गोलियां जब्त कीं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इन गोलियों की कीमत 33 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।

सुरक्षा बलों ने न केवल नशीली दवाएं जब्त कीं, बल्कि परिवहन में इस्तेमाल होने वाले वाहन को भी अपने कब्जे में लेकर मिजोरम पुलिस को सौंप दिया है। इन कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि सुरक्षा बल पूर्वोत्तर को नशामुक्त बनाने और अवैध व्यापार के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।