Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Haryana News: मानवाधिकार आयोग का कड़ा फैसला; हरियाणा के हर जिले में सरकारी शव वाहन अनिवार्य, सरकार क... Panipat News: पानीपत में शर्मनाक! आपत्तिजनक वीडियो बनाकर सालों से रेप कर रहा था एक्स बॉयफ्रेंड; पति ... Crime News: पार्टी से लौटे युवक की खेत में मिली लाश; हत्या या आत्महत्या? गुत्थी सुलझाने में जुटी पुल... सत्ता का दुरुपयोग करने वालों के लिए सबक: खेड़ा Panchkula Police Action: दिल्ली से चल रहे फर्जी कॉल सेंटर नेटवर्क का भंडाफोड़; लाखों की ठगी करने वाल... तृणमूल कांग्रेस की चुनाव आयोग के खिलाफ याचिका खारिज देश भर के अधिकांश मोबाइलों में बजा सायरन बंगाल के चौबीस परगना की दो सीटों पर दोबारा वोट विरोध और उकसावे के बीच बड़ा अंतर होता है भाजपा का दांव अब भाजपा पर आजमा रही है आप

देश भर के अधिकांश मोबाइलों में बजा सायरन

पूर्व जानकारी नहीं होने की वजह से अनेक लोग घबड़ाये

  • परीक्षण का विस्तार और उद्देश्य

  • नागरिकों के लिए पूर्व प्रशिक्षण

  • यह तकनीक क्यों महत्वपूर्ण है

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः भारत सरकार और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने शनिवार, 2 मई 2026 को देश भर में सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम का एक व्यापक परीक्षण आयोजित किया। यह पहल भारत सरकार के उस दूरदर्शी विजन का हिस्सा है, जिसके तहत राष्ट्रीय आपदाओं और आपातकालीन स्थितियों के दौरान नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक स्वदेशी और समर्पित चेतावनी प्रणाली स्थापित की जा रही है।

यह राष्ट्रव्यापी परीक्षण विशेष रूप से दिल्ली-एनसीआर सहित सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की राजधानियों में आयोजित किया गया। हालांकि, सुरक्षा और प्रशासनिक कारणों से सीमावर्ती क्षेत्रों और उन राज्यों को इस परीक्षण से बाहर रखा गया है जहाँ वर्तमान में चुनावी प्रक्रिया जारी है। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन संचार की गति, सटीकता और तकनीकी प्रभावशीलता को मापना है, ताकि भविष्य में किसी भी वास्तविक संकट के समय बिना किसी देरी के लाखों लोगों तक पहुँचा जा सके।

परीक्षण के दौरान, संबंधित क्षेत्रों के नागरिकों के मोबाइल फोन पर एक आपातकालीन चेतावनी का नोटिफिकेशन भेजा गया। इस संदेश के साथ एक विशिष्ट तीव्र ध्वनि या कंपन भी महसूस की गई, जो उपयोगकर्ता का ध्यान तुरंत आकर्षित करने के लिए डिज़ाइन की गई है। अधिकारियों ने इस पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि मोबाइल पर प्राप्त होने वाला यह अलर्ट केवल एक परीक्षण संदेश है। इसका उद्देश्य केवल प्रणाली की कार्यक्षमता का मूल्यांकन करना है और यह किसी वास्तविक खतरे या आपातकाल का संकेत नहीं देता है।

सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक पारंपरिक एसएमएस से काफी अलग है। यह नेटवर्क के भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में भी बिना किसी देरी के संदेश पहुँचाने में सक्षम है। इसके लिए मोबाइल नंबरों के डेटाबेस की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि यह एक निश्चित भौगोलिक क्षेत्र के सभी सक्रिय मोबाइल टावरों के माध्यम से एक साथ सूचना प्रसारित करती है। चक्रवात, बाढ़ या अन्य प्राकृतिक आपदाओं के समय यह तकनीक जान-माल के नुकसान को कम करने में एक गेम-चेंजर साबित हो सकती है।