Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
World Thyroid Day: क्या थायराइड की दवा जिंदगी भर खानी पड़ती है? जानें इस बीमारी से जुड़े 3 बड़े मिथक... NEET Exam Stress: लातूर में पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के तनाव में NEET छात्रा ने की खुदकुशी Bakrid 2026: बकरीद पर गाय की कुर्बानी न करें मुस्लिम समुदाय; ऑल इंडिया पसमांदा उलेमा बोर्ड की बड़ी अ... J&K NIA Raid: जम्मू-कश्मीर में NIA की बड़ी कार्रवाई; शोपियां और श्रीनगर के कई ठिकानों पर छापेमारी Karnataka River Accident: कर्नाटक के भटकल में बड़ा हादसा; नदी में सीपियां निकालने गए एक ही परिवार के... Muzaffarpur Crime: मुजफ्फरपुर में जिगरी दोस्त की पत्नी को लेकर फरार हुआ युवक; चाकू लेकर घर पर बोला ध... Delhi-Gurugram Traffic: द्वारका एक्सप्रेसवे मायापुरी रिंग रोड तक बढ़ेगा; दिल्ली-गुरुग्राम के बीच 55%... Mamata Banerjee News: ममता बनर्जी का केंद्र पर तीखा हमला, बोलीं- 'देखूंगी संविधान में ज्यादा ताकत है... Ganga Dussehra Haridwar: हरिद्वार में गंगा दशहरा पर उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब; हर की पैड़ी पर लगी... Palwal Rajak Case: पलक रजक मौत मामले में आरोपी पति अमित का सरेंडर; सास और देवर अब भी फरार

सत्ता का दुरुपयोग करने वालों के लिए सबक: खेड़ा

सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत मिलने के बाद दिया बयान

  • राजनीतिक प्रतिशोध की भावना थी

  • मामला और शीर्ष अदालत का निर्देश

  • दावों की जांच ट्रायल कोर्ट में होगी

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने अपनी व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। अग्रिम जमानत के आदेश के एक दिन बाद एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए खेड़ा ने लिखा, मैं कानून के शासन को बनाए रखने के लिए माननीय सर्वोच्च न्यायालय को धन्यवाद देता हूं। दूसरी बार, डॉ. सिंघवी और उनकी कुशल टीम ने असम के मुख्यमंत्री द्वारा दी जा रही लगातार धमकियों और डराने-धमकाने के बीच मेरी स्वतंत्रता की रक्षा की है।

खेड़ा ने इस कानूनी राहत को केवल अपनी व्यक्तिगत जीत तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने कहा, मेरी जमानत न केवल एक व्यक्तिगत राहत है, बल्कि उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश भी है जो सरकारी शक्ति का दुरुपयोग करते हैं। जब तक हम एक संवैधानिक लोकतंत्र हैं, राजनीतिक प्रतिशोध के लिए व्यक्तिगत स्वतंत्रता की बलि नहीं दी जा सकती। उन्होंने अपने संदेश का अंत सत्यमेव जयते के साथ किया।

उच्चतम न्यायालय ने जमानत देते हुए टिप्पणी की कि यह मामला राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से प्रेरित प्रतीत होता है। न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति ए.एस. चंदूरकर की पीठ ने जोर देकर कहा कि अनुच्छेद 21 के तहत व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार की सुरक्षा की जानी चाहिए। अदालत ने स्पष्ट किया कि आपराधिक प्रक्रिया को निष्पक्षता और सावधानी के साथ लागू किया जाना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यह राजनीतिक विचारों से प्रभावित न हो।

पवन खेड़ा पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी के खिलाफ कई पासपोर्ट और अघोषित विदेशी संपत्ति रखने जैसे आरोप लगाने का मामला दर्ज था। अदालत ने पाया कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं और इस चरण में हिरासत में लेकर पूछताछ की आवश्यकता नहीं है। पीठ ने कहा कि दावों की सच्चाई का परीक्षण मुकदमे के दौरान किया जा सकता है।

गौहाटी उच्च न्यायालय के पहले के आदेश को रद्द करते हुए शीर्ष अदालत ने उसे त्रुटिपूर्ण बताया। हालांकि, राहत देने के साथ ही अदालत ने खेड़ा को जांच में पूरा सहयोग करने, आवश्यकता पड़ने पर अधिकारियों के समक्ष पेश होने और बिना अनुमति देश न छोड़ने का निर्देश दिया है। खेड़ा ने सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं का समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया।