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कम गहराई पर केंद्र की वजह से अधिक नुकसान

जापान में 7.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप और तबाही

टोक्योः जापान के दक्षिणी द्वीप क्यूशू में स्थित कुमामोटो प्रान्त में तड़के आए 7.1 तीव्रता के तेज़ भूकंप ने भीषण तबाही मचाई है। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, भूकंप का केंद्र भूमि से महज 10 किलोमीटर की गहराई में था, जिसके कारण झटके अत्यधिक तीव्र और विनाशकारी महसूस किए गए। झटकों के तुरंत बाद कई रिहायशी और व्यावसायिक इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। सबसे भयावह घटना कुमामोटो शहर के मुख्य व्यावसायिक केंद्र में स्थित एक बहुमंजिला शॉपिंग मॉल में हुई, जहाँ भूकंप के कारण मुख्य गैस पाइपलाइन फट गई। इस रिसाव से भीषण विस्फोट हुआ और इमारत में आग लग गई, जिसने देखते ही देखते पूरी संरचना को अपनी चपेट में ले लिया।

भूकंप के तुरंत बाद जापानी प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक विशेष संकट प्रबंधन सेल का गठन किया और आपातकालीन स्थिति की घोषणा कर दी। सेल्फ-डिफेंस फोर्सेज के हजारों सैनिकों, दमकल कर्मियों और बचाव दलों को मलबे में दबे लोगों को निकालने के कार्य में लगा दिया गया है। प्रांतीय प्रशासन के अनुसार, कई प्रमुख राजमार्ग ध्वस्त हो गए हैं और क्षेत्र की हाई-स्पीड शिंकानसेन (बुलेट ट्रेन) सेवाओं को सुरक्षा कारणों से अनिश्चित काल के लिए निलंबित कर दिया गया है। बिजली नेटवर्क बुरी तरह प्रभावित होने से लगभग 1,50,000 से अधिक घरों में अंधेरा छा गया है।

स्वास्थ्य मंत्रालय और स्थानीय अस्पतालों ने पुष्टि की है कि आपातकालीन कक्षों में घायलों का तांता लगा हुआ है। बचाव दल लगातार जीवनरक्षक उपकरणों और स्निफर डॉग्स की मदद से मलबे से जीवित बचे लोगों को तलाश रहे हैं। जापान सरकार ने तटीय इलाकों के लिए छोटी सुनामी तरंगों की चेतावनी भी जारी की थी, हालांकि बाद में इसे वापस ले लिया गया। इस प्राकृतिक आपदा के बाद जापान के परमाणु ऊर्जा प्राधिकरण ने क्षेत्र में मौजूद परमाणु संयंत्रों की स्थिति की समीक्षा की है और राहत की बात यह है कि सभी रिएक्टर सुरक्षित पाए गए हैं। फिर भी, मुख्य झटके के बाद आए 5.0 से अधिक तीव्रता के दर्जनों आफ्टरशॉक्स ने राहत और बचाव कार्यों को अत्यधिक चुनौतीपूर्ण बना दिया है।