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पीएम नरेंद्र मोदी ने स्वाभिमान पर्व पर बधाई दी

सोमनाथ का पुनर्निमाण भी भारतीय सभ्यागत संकल्प का प्रतीक

  • तीन दिवसीय स्वाभिमान पर्व प्रारंभ

  • खुद मोदी भी ग्यारह को वहां जाएंगे

  • विदेशी हमलों का इतिहास दोहराया

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के गौरवशाली शुभारंभ पर पूरे राष्ट्र को हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने इस अवसर पर रेखांकित किया कि सोमनाथ मंदिर का इतिहास केवल पत्थरों और नक्काशी की कहानी नहीं है, बल्कि यह भारत की अजेय सभ्यतागत शक्ति और आत्म-सम्मान का जीता-जागता प्रमाण है। सोशल मीडिया के माध्यम से साझा किए गए अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वाभिमान पर्व वास्तव में भारत माता की उन अनगिनत संतानों के बलिदान और अटूट निष्ठा को याद करने का अवसर है, जिन्होंने कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों, धार्मिक मूल्यों और सांस्कृतिक लोकाचार से कभी समझौता नहीं किया।

ऐतिहासिक संदर्भों को साझा करते हुए श्री मोदी ने बताया कि आज से ठीक एक हजार साल पहले, जनवरी 1026 में सोमनाथ मंदिर ने विदेशी आक्रांताओं का पहला भीषण आक्रमण झेला था। हालांकि, आने वाली सदियों में इस पवित्र स्थल पर बार-बार हमले किए गए और इसे नष्ट करने का प्रयास हुआ, लेकिन भक्तों की अगाध आस्था और भारत के प्राचीन सभ्यतागत संकल्प ने यह सुनिश्चित किया कि सोमनाथ हर बार राख से उठ खड़ा हो। प्रधानमंत्री ने कहा कि बार-बार होने वाला यह पुनर्निर्माण भारतीय चेतना की उस जिजीविषा को दर्शाता है जिसे कोई भी बाहरी शक्ति कभी कुचल नहीं पाई।

प्रधानमंत्री ने मंदिर के आधुनिक पुनरुद्धार में महान नायकों की भूमिका को भी विशेष रूप से याद किया। उन्होंने कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल, के.एम. मुंशी और अन्य महापुरुषों के दूरदर्शी प्रयासों के कारण ही आजादी के बाद सोमनाथ का भव्य स्वरूप पुनः स्थापित हो सका। वर्तमान वर्ष 2026 इस दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह 1951 के उस ऐतिहासिक समारोह की 75वीं वर्षगांठ (हीरक जयंती) का प्रतीक है, जब भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की गरिमामयी उपस्थिति में सोमनाथ मंदिर को पुनः राष्ट्र को समर्पित किया गया था। प्रधानमंत्री ने स्वयं की पुरानी सोमनाथ यात्राओं की स्मृतियों को ताजा करते हुए देशवासियों से भी अपील की कि वे अपनी यादें और अनुभव सोशल मीडिया पर साझा करें।

इस उत्सव की भव्यता को लेकर जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री मोदी आगामी 11 जनवरी को स्वयं सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के विशेष कार्यक्रमों में सम्मिलित होंगे। यह पर्व केवल कुछ दिनों का उत्सव नहीं है, बल्कि आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों की एक साल भर चलने वाली विस्तृत श्रृंखला है। इस आयोजन के मुख्य आकर्षणों में 3,000 अत्याधुनिक ड्रोनों का एक विशाल शो होगा, जो सोमनाथ की गाथा को आसमान में जीवंत करेगा। इसके अतिरिक्त, मंदिर परिसर में निरंतर 72 घंटों तक चलने वाला ओंकार नाद और एक विशाल शौर्य यात्रा (वीरता जुलूस) निकाली जाएगी। यह संपूर्ण आयोजन इस बात का प्रतीक है कि सोमनाथ की अदम्य भावना आज भी करोड़ों भारतीयों को प्रेरित कर रही है और विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को नई ऊर्जा दे रही है।