दीपक नौरंगी
भागलपुर एडीजी सीआईडी पारसनाथ ने रेंज के अधिकारियों के साथ की एक महत्वपूर्ण बैठक की है। पटना से सीधे पहुंचे 1996 बैच आईपीएस पारसनाथ बाय रोड भागलपुर विधि विज्ञान शाला पहुंचकर कई घंटे किया निरीक्षण।
भागलपुर के नाथनगर स्थित एफएसएल विभाग में सभी अधिकारियों से की कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी ली। उसके बाद कुछ देर के लिए भागलपुर सर्किट हाउस पहुंचे। वहां से सीधे भागलपुर के समीक्षा भवन में पहुंचकर 3:30 बजे समीक्षा बैठक शुरू की है।
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समीक्षा बैठक में भागलपुर सीनियर एसपी हृदयकांत और नवगछिया एसपी प्रेरणा कुमारी, बांका एसपी उपेंद्र कुमार वर्मा सहित सभी डीएसपी और सभी पुलिस इंस्पेक्टर मौजूद थे। चुनाव आयोग के निर्देश के बाद नोडल अफसर के रूप में एडीजी हेड क्वार्टर कुंदन कृष्णन को जिम्मेदारी दी गई है।
वहीं दूसरी ओर एडीजी एटीएस पंकज दराद को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। तीसरी जिम्मेदारी एडीजी कमल किशोर सिंह को दी गई है। वही दो दिन पहले रेल आईजी पी कन्नन भागलपुर में पहुंच कर एक हत्या जैसे संगीत मामले की जांच की है। बताया जाता है कि रेलवे जीआरपी केस नंबर 79 /25 के मामले में लड़की काजल कुमारी जो खगड़िया जिला के परबत्ता की स्थाई निवासी काजल कुमारी को ट्रेन से गिरकर उसकी मौत हो गई थी, उसे मामले में रेल आईजी जमालपुर रेल एसपी ने दो दिनों तक मामले की जांच पड़ताल की है
एडीजी की बैठक में भागलपुर,नवगछिया और बांका जिले के पुलिस अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था और केसों की समीक्षा की गई। बैठक से पहले एडीजी ने विधि विज्ञान प्रयोगशाला का निरीक्षण भी किया।
मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि जो भी केस पेंडिंग हैं या जिन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जल्द धरातल पर लाकर जांच शुरू की जाए ताकि दोषियों को सजा मिले और निर्दोष लोग स्वतंत्र व खुशहाल जीवन जी सकें। पारसनाथ ने यह भी बताया कि फिलहाल भागलपुर में डीएनए जांच की व्यवस्था नहीं है, लेकिन संभावना है कि अगले छह महीनों में यह सुविधा यहां बहाल कर दी जाएगी।
उन्होंने साफ किया कि यह बैठक किसी खास केस को लेकर नहीं थी, बल्कि एक जनरल मीटिंग थी, जिससे उम्मीद है कि पेंडिंग मामलों के निष्पादन में तेजी आएगी उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि केसों को पूरी तरह अपडेट रखें।