पाकिस्तानी फायरिंग का भारत ने भी कड़ा उत्तर दिया
-
पहलगाम आतंकी हमला के बाद माहौल गर्म
-
दोनों तरफ से छोटे हथियारों का इस्तेमाल हुआ
-
भारतीय सेना की तरफ से कोई हताहत नहीं
नईदिल्लीः पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास भारतीय सैन्य अड्डे पर हमला किया। भारत ने भी प्रतिक्रिया दी है। अभी तक भारतीय पक्ष में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। पहलगांव में हुए आतंकवादी हमले के बाद दोनों देशों के बीच संबंध और खराब हो गए हैं। दिल्ली और इस्लामाबाद ने राजनयिक संबंध तोड़ लिये हैं।
इस माहौल में वाघर और परी में सैन्य गतिविधियां बढ़ने की खबरें हैं। भारत भी तैयार है। यह घटना उसी दौरान घटी। इसके साथ साथ दोनों तरफ सैन्य गतिविधियां तेज होने की सूचनाएं मिल रही है। वैसे समझा जाता है कि खास तौर पर पाकिस्तानी सेना नियंत्रण रेखा पर ऐसा तनाव तब पैदा करती हैं जब भारतीय सेना का ध्यान बंटाकर आतंकवादियों को भारत में भेजना होता है
। ठंड का मौसम खत्म होने के बाद अनेक ऊंची पहाड़ियों पर अब बर्फ नहीं हैं। इसलिए जंगल के बीच से सीमा पार कर भारत में आना आसान हो जाता है। जाड़ा के मौसम में भारी बर्फवारी की वजह से ऐसा करना कठिन हो जाता है।
वैसे दोनों देशों की सेना के बीच फायरिंग पर भारतीय सेना ने इस बारे में आधिकारिक तौर पर कोई घोषणा नहीं की है। हालांकि, कई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शुक्रवार सुबह-सुबह पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास भारतीय सैन्य अड्डे पर गोलीबारी की। भारत ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की।
एक भारतीय सेना अधिकारी के हवाले से बताया गया कि पाकिस्तानी सेना ने सीमा पर गोलीबारी की। भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई की है। सीमा के इस ओर कोई भी घायल नहीं हुआ।
जम्मू-कश्मीर के पहलगांव में पर्यटकों पर हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कदम उठाए हैं। इस्लामाबाद ने गुरुवार को आठ जवाबी उपायों की घोषणा की। उनमें से एक शिमला समझौते से संबंधित घोषणा है। पाकिस्तान ने कहा है कि वह इस समझौते को तब तक निलंबित रखेगा जब तक भारत पाकिस्तान के अंदर आतंकवाद को भड़काना, अंतर्राष्ट्रीय अपराध करना और अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करना बंद नहीं कर देता।
1971 में बांग्लादेश मुक्ति युद्ध में भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान की हार और स्वतंत्र बांग्लादेश राज्य के उदय के बाद, शिमला, हिमाचल प्रदेश में भारत और पाकिस्तान के बीच शिमला समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। समझौते की शर्तों में से एक यह थी कि भारत और पाकिस्तान दोनों जम्मू और कश्मीर में युद्ध विराम के परिणामस्वरूप स्थापित नियंत्रण रेखा (एलओसी) का पालन करेंगे।
आपसी असहमति के बावजूद, कोई भी पक्ष एकतरफा तौर पर इसमें बदलाव की कोशिश नहीं करेगा। हालाँकि, इसके बावजूद पाकिस्तान पर कई बार इस शर्त का उल्लंघन करने का आरोप है। लेकिन यह पहली बार है कि अनुबंध निलंबित कर दिया गया है। कई लोगों का मानना है कि इस्लामाबाद भारत-पाक नियंत्रण रेखा का सम्मान न करके सीमा पर अस्थिरता पैदा करना चाहेगा।
दूसरी तरफ यह भी माना जा रहा है कि पाकिस्तान द्वारा अपनी तरफ से शिमला समझौता खत्म करने के एलान के बाद नियंत्रण रेखा का पालन करना भारत की भी जिम्मेदारी नहीं है। वैसी स्थिति में सरकार का आदेश आने पर भारतीय सेना आगे बढ़कर पाक अधिकृत कश्मीर पर भी कब्जा कर सकती है, जहां के अनेक नागरिक भी पाकिस्तान के बदले भारतीय सीमा में शामिल होने का फायदा बता चुके हैं। वैसे इस सीमा के दोनों तरफ रहने वाले लोगों के बीच आपसी रिश्तेदारी है।
सैन्य सूत्रों ने बताया कि कल रात पाकिस्तान की ओर से नियंत्रण रेखा पर कुछ स्थानों पर छोटे हथियारों से गोलीबारी की घटनाएं हुईं। गोलीबारी का प्रभावी ढंग से जवाब दिया गया। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के कुछ दिनों बाद गोलीबारी हुई, जिससे दोनों पड़ोसियों के बीच नया संकट पैदा हो गया। भारत ने पाकिस्तान पर कई सख्त कदम उठाए हैं, जिसमें पाकिस्तानी सैन्य अताशे को निष्कासित करना, छह दशक से अधिक पुरानी सिंधु जल संधि को निलंबित करना और मंगलवार के पहलगाम आतंकी हमले के सीमा पार संबंधों के मद्देनजर अटारी भूमि-पारगमन चौकी को तत्काल बंद करना शामिल है।